पप्पू यादव के ‘90% महिलाएं’ वाले बयान से सियासी भूचाल, असम सीएम पर भी साधा निशाना
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निर्दलीय सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने महिलाओं के आरक्षण और देश की राजनीति को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान से बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
महिलाओं को लेकर विवादित बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है और कई मामलों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका भी संदिग्ध रहती है।
इसी दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “90 प्रतिशत महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बिस्तर से शुरू होता है।” इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
असम के मुख्यमंत्री पर हमला
पप्पू यादव ने हिमंत बिस्वा सरमा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें “चरित्रहीन” तक कह दिया।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग ताकतवर नेताओं के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें “भौंकते कुत्ते” की तरह समझा जाता है, जबकि प्रभावशाली लोग बिना किसी असर के आगे बढ़ते रहते हैं।
महिला आरक्षण से पहले जातीय जनगणना की मांग
महिला आरक्षण बिल पर अपनी राय रखते हुए पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण फैसले को बिना पर्याप्त चर्चा, विशेषज्ञों की राय और राज्यों से सलाह लिए लागू किया गया।
उन्होंने कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इससे पहले जातीय जनगणना कराना जरूरी है, ताकि ओबीसी, ईबीसी, एससी/एसटी और अल्पसंख्यक वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
सम्राट चौधरी को बताया मुख्यमंत्री पद का दावेदार
बिहार की राजनीति पर बोलते हुए पप्पू यादव ने भाजपा नेता सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त बताया। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग से आने वाले नेता का मुख्यमंत्री बनना महत्वपूर्ण कदम होगा।
हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर ही कुछ लोग इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भाजपा पर दोहरे मापदंड का आरोप
पप्पू यादव ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई नेताओं के खिलाफ शिक्षा और आपराधिक मामलों को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन केवल कुछ खास नेताओं को ही निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से वह समर्थन नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी
बढ़ा राजनीतिक विवाद
पप्पू यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।