कानपुर मंडल में जून के चौथे सप्ताह में लगेगी 94वीं पेंशन अदालत, 17 जून तक करें आवेदन
Mediawali news, Kanpur
कानपुर मंडल के सेवानिवृत्त राजकीय कर्मचारियों और मृत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए राहत भरी खबर है। पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से जुड़ी लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए जून 2026 के चौथे सप्ताह में 94वीं पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस अदालत की अध्यक्षता मंडलायुक्त करेंगे। अपर निदेशक एवं संयोजक पेंशन अदालत, कोषागार एवं पेंशन कानपुर मंडल यज्ञेश सिंह ने बताया कि पेंशन संबंधी लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कराने के उद्देश्य से यह विशेष अदालत आयोजित की जा रही है।
17 जून तक भेज सकते हैं आवेदन
पेंशन अदालत में अपना मामला रखने के इच्छुक सेवानिवृत्त कर्मचारी अथवा मृत कर्मचारियों के आश्रितों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र तीन प्रतियों में तैयार कर पंजीकृत डाक के माध्यम से अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, कलेक्ट्रेट कम्पाउंड, कानपुर मंडल, कानपुर के पते पर भेजना होगा। आवेदन 17 जून 2026 तक कार्यालय में पहुंच जाना अनिवार्य है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले मामलों पर पेंशन अदालत में विचार नहीं किया जाएगा।
किन लोगों को मिलेगा लाभ
इस पेंशन अदालत का लाभ कानपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपदों के ऐसे सेवानिवृत्त राजकीय कर्मचारियों और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को मिलेगा, जिनकी पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी या अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से संबंधित समस्याएं लंबित हैं। हालांकि केवल राजकीय कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर ही सुनवाई होगी। अन्य श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन मामलों पर नहीं होगी सुनवाई
पेंशन अदालत में कुछ विशेष प्रकार के मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। इनमें वे मामले शामिल हैं—
- जो पहले से किसी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
- जिनका निर्णय पहले ही शासन या न्यायालय द्वारा किया जा चुका है।
- जो नीतिगत प्रकृति के हैं।
- ऐसे मामले जिनका समाधान अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
आवेदन में कौन-कौन सी जानकारी देना जरूरी
आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट रूप से भरनी होंगी। इसमें आवेदक का नाम, पदनाम, पिता या पति का नाम, संबंधित विभाग का विवरण, विभागाध्यक्ष का नाम, जन्म तिथि, सेवा में नियुक्ति की तिथि, सेवानिवृत्ति या मृत्यु की तिथि आदि शामिल हैं। इसके अलावा पेंशन स्वीकृति या पुनरीक्षण के लिए दिए गए आवेदन की जानकारी, विभाग द्वारा की गई कार्रवाई, संबंधित आपत्तियां और अपेक्षित राहत का स्पष्ट विवरण भी देना होगा। आवेदक को अपना पूरा पत्राचार पता, पिन कोड और संबंधित कोषागार का नाम भी दर्ज करना होगा।
घोषणा पत्र देना होगा अनिवार्य
पेंशन अदालत में आवेदन करने वाले व्यक्ति को यह घोषणा भी देनी होगी कि उसका मामला न तो नीतिगत है और न ही किसी न्यायालय में विचाराधीन है। यदि कोई मामला न्यायालय में लंबित है, तो आवेदक को शपथ पत्र देकर यह बताना होगा कि वह न्यायालय के बाहर समझौते और वाद वापसी के लिए तैयार है। आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर और तिथि अंकित करना भी अनिवार्य होगा।
समय रहते करें आवेदन
पेंशन अदालत सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए अपनी समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण मंच है। जिन लोगों के पेंशन या अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से जुड़े मामले लंबे समय से लंबित हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत 17 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं और अपनी समस्याओं के समाधान का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।