Kanpur: मुख्यमंत्री के आदेश के बाद 2894 शिकायतों के समाधान में जुटे अधिकारी
Mediawali news, कानपुर बिल्हौर
30 जून तक गांव-गांव पहुंचेगी टीम, एआई की मदद से सुलझेंगे भूमि विवाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में लंबित भूमि विवादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया गया है। एक जून से शुरू हुआ यह अभियान 30 जून तक चलेगा। इसके तहत राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर वर्षों से लंबित शिकायतों की समीक्षा कर उनका समाधान कराने में जुटी हैं।
तहसील प्रशासन ने आईजीआरएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, तहसील दिवस समेत विभिन्न माध्यमों से प्राप्त भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की दोबारा जांच शुरू की है। शिकायतों के विश्लेषण और निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भी मदद ली जा रही है। एआई शिकायतों का अध्ययन कर अधिकारियों को संभावित समाधान संबंधी सुझाव उपलब्ध करा रहा है।
नायब तहसीलदार रंजीत यादव ने बताया कि बिल्हौर तहसील में भूमि विवाद से जुड़ी कुल 2894 शिकायतें चिन्हित की गई हैं। ये शिकायतें लगभग 800 से 900 फरियादियों से संबंधित हैं। कई मामलों में एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग मंचों पर शिकायत दर्ज कराए जाने के कारण शिकायतों की संख्या अधिक दिखाई दे रही है। प्रशासन ने सभी शिकायतों को चार श्रेणियों में विभाजित किया है। पहली श्रेणी में निस्तारित मामले, दूसरी में मौके पर सत्यापन वाले मामले, तीसरी में लंबित विवाद और चौथी में ऐसे प्रकरण शामिल हैं जो भूमि विवाद की श्रेणी में नहीं आते हैं।
अधिकारियों के अनुसार निजी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक हैं। इसके अलावा रास्तों के विवाद, नामांतरण, राजस्व अभिलेखों की त्रुटियां तथा न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से जुड़े मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए हैं। तालाब, खेल मैदान, चकरोड और अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। अभियान के तहत अब तक वंशी निवादा, नुनाह, अर्जुनपुर, कुंवरपुर और मदारा राय गुमान समेत कई गांवों में शिकायतों की समीक्षा कर निस्तारण की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का लक्ष्य 30 जून तक अधिकतम भूमि विवादों का समाधान कर लोगों को राहत दिलाना है।