Noida Apex Athena society में बड़ा विवाद, 6 फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर पर लगाया करोड़ों की अतिरिक्त वसूली का आरोप
Apex Athena society पूरा भुगतान और कब्जा देने के बाद भी नहीं हुई रजिस्ट्री, मौजूदा बाजार कीमत के हिसाब से मांगे जा रहे करोड़ों रुपये
Mediawali news, Noida
नोएडा की सेक्टर-75 स्थित Apex Athena Society में फ्लैट रजिस्ट्री को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सोसायटी के छह फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सेक्टर-113 थाने में केस दर्ज कराया है। खरीदारों का आरोप है कि करोड़ों रुपये का पूरा भुगतान करने और फ्लैट का कब्जा मिलने के कई साल बाद भी रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। इतना ही नहीं, अब मौजूदा बाजार दर के आधार पर करोड़ों रुपये की अतिरिक्त रकम मांगी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के वैशाली निवासी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने एपेक्स ग्रुप के मालिक सतनाम सिंह और उनके सहयोगियों सुखबीर सिंह व वीरेंद्र कौशिक के कहने पर एपेक्स एथेना प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट खरीदे थे। बाद में उनके भाई के नाम पर भी तीन फ्लैट खरीदे गए। सभी फ्लैटों का भुगतान तय समय पर कर दिया गया था। पीड़ितों के अनुसार वर्ष 2019 में बिल्डर की ओर से सभी फ्लैटों का कब्जा दे दिया गया। इसके बाद दोनों परिवार लगातार इन फ्लैटों में रह रहे हैं। लेकिन कब्जा मिलने के बावजूद आज तक फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। खरीदारों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से उन्हें रजिस्ट्री कराने के नाम पर लगातार टाला जा रहा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई बार उन्हें सब-रजिस्ट्रार ऑफिस बुलाया गया, लेकिन हर बार अंतिम समय पर रजिस्ट्री की तारीख टाल दी गई। इससे खरीदारों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब जब परिवार को कुछ फ्लैट बेचने की जरूरत पड़ी तो बिना रजिस्ट्री के खरीदार मिलने में दिक्कत आ रही है।
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने बिल्डर पक्ष पर रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया तो उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की गई। कथित तौर पर बिल्डर ने कहा कि अब फ्लैटों की बाजार कीमत पहले से चार गुना बढ़ चुकी है, इसलिए मौजूदा मार्केट रेट के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान करना होगा। विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत के मुताबिक छह फ्लैटों के लिए खरीदारों द्वारा पहले ही करीब 4 करोड़ 77 लाख 26 हजार 745 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद रजिस्टर्ड सब-लीज डीड नहीं दी गई। पीड़ितों ने इसे धोखाधड़ी और विश्वासघात बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
फ्लैट खरीदारों द्वारा भुगतान की गई रकम इस प्रकार बताई गई है—
- एफ-1501 : 1 करोड़ 55 लाख 80 हजार 248 रुपये
- एफ-1502 : 72 लाख 11 हजार 547 रुपये
- ए-1202 : 58 लाख 65 हजार 855 रुपये
- एफ-1503 : 71 लाख 92 हजार 527 रुपये
- डी-1202 : 58 लाख 65 हजार 855 रुपये
- एफ-1504 : 60 लाख 10 हजार 713 रुपये
कुल भुगतान : 4 करोड़ 77 लाख 26 हजार 745 रुपये
मामले में सेक्टर-113 थाना पुलिस ने बिल्डर समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जहां फ्लैट खरीदारों को कब्जा मिलने के बाद भी वर्षों तक रजिस्ट्री के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे मामलों में खरीदारों को कानूनी अधिकारों और दस्तावेजों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार फ्लैट खरीदते समय खरीदारों को बिल्डर-बायर एग्रीमेंट, भुगतान रसीद, कब्जा पत्र और रजिस्ट्री से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। साथ ही किसी भी अतिरिक्त मांग या देरी की स्थिति में तुरंत कानूनी सलाह लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में बड़े विवाद से बचा जा सके।