Greater Noida से पकड़ा गया अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह: इंस्टाग्राम पर लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर करते थे लाखों की ठगी
Tags: Greater noida, अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोहगुरुग्राम साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार; सोशल मीडिया फ्रॉड से लोगों को बनाया जाता था शिकार, पुलिस ने जारी की सावधानी बरतने की सलाह
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सोशल मीडिया पर दोस्ती, विदेशी युवती और गिफ्ट भेजने का लालच देकर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से तीन नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जो इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिनेडु, जेम्स संडे और जूल्स ककाओ के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से कई शिकायतें मिली थीं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर शुरू होती थी ठगी
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर आकर्षक महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। शुरुआत में दोस्ती और भावनात्मक बातचीत की जाती थी ताकि सामने वाला व्यक्ति भरोसा कर ले। इसके बाद आरोपी खुद को विदेश से भारत आने वाली महिला बताते और महंगे गिफ्ट, डॉलर या विदेशी चेक भेजने की बात कहते थे। एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी इंस्टाग्राम पर एक युवती से पहचान हुई थी। कुछ दिनों तक बातचीत के बाद युवती ने कहा कि वह भारत पहुंच चुकी है और मुंबई एयरपोर्ट पर उसका विदेशी बैंक चेक भारतीय मुद्रा में बदलवाने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी। पीड़ित को भरोसे में लेकर आरोपी ने एक बैंक खाते में 69,900 ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से और पैसों की मांग की जाने लगी। जब रकम लगातार बढ़ती गई तो पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क
गुरुग्राम साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने 14 मई को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने उनके पास से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 18 भारतीय व विदेशी सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल अलग-अलग फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट चलाने और लोगों से संपर्क करने के लिए किया जाता था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह लोगों को “कस्टम चार्ज”, “एंटी मनी लॉन्ड्रिंग फीस”, “रजिस्ट्रेशन चार्ज” और “गिफ्ट रिलीज फीस” जैसे बहाने बनाकर पैसे ट्रांसफर करवाता था।
सोशल मीडिया की महिलाओं की आईडी से रहे सावधान, तीन गिरफ्तार
बांग्लादेश के रास्ते भारत आया आरोपी
पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी जेम्स संडे वर्ष 2022 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुआ था। वहीं चिनेडु साल 2018 और जूल्स ककाओ वर्ष 2017 में स्टडी वीजा पर भारत आए थे। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को उनके पास कोई वैध वीजा या पासपोर्ट नहीं मिला। इसके चलते आरोपियों पर पासपोर्ट एक्ट और फॉरेनर एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे कई मामले
देशभर में पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। साइबर अपराधी अब सीधे बैंक कॉल या OTP फ्रॉड की जगह भावनात्मक और रिलेशनशिप आधारित ठगी का तरीका अपना रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई और बेंगलुरु समेत कई बड़े शहरों में पहले भी विदेशी नागरिकों द्वारा “गिफ्ट स्कैम” और “इंस्टाग्राम फ्रेंडशिप फ्रॉड” के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में लोगों से लाखों रुपये तक की ठगी की गई। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपराधी सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो और नकली पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित करते हैं। दोस्ती और भरोसे का फायदा उठाकर धीरे-धीरे पैसों की मांग शुरू की जाती है।
ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें? पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
साइबर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति पर जल्दी भरोसा न करें और ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
पुलिस ने लोगों को दिए ये जरूरी सुझाव:
- सोशल मीडिया पर किसी अनजान प्रोफाइल से सावधान रहें
- विदेशी गिफ्ट, डॉलर या महंगे सामान भेजने के दावों पर भरोसा न करें
- किसी भी रजिस्ट्रेशन फीस या कस्टम चार्ज के नाम पर पैसे न भेजें
- वीडियो कॉल और पहचान सत्यापित किए बिना किसी पर भरोसा न करें
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
- साइबर फ्रॉड की शिकायत राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है
पुलिस कर रही बैंक खातों और नेटवर्क की जांच
फिलहाल गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के संपर्क में और कौन लोग थे तथा देशभर में कितने लोगों को निशाना बनाया गया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए लोगों को डिजिटल दुनिया में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक ठगी में बदल सकती है।