ईरान संकट: 550 भारतीयों को निकालने में मदद पर आर्मेनिया को जयशंकर का धन्यवाद
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ईरान में जारी तनाव के बीच फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी बीच भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने ईरान से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग देने के लिए Armenia की सरकार और वहां की जनता को धन्यवाद दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिसमें आर्मेनिया का सहयोग काफी अहम रहा।
ईरान से भारतीयों को सुरक्षित निकालने का अभियान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Iran में कई भारतीय नागरिक फंसे हुए थे। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार और भारतीय दूतावास अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
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अब तक 550 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया
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रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मेनिया ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया
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भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के प्रयास जारी
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कठिन समय में सहयोग के लिए आर्मेनिया सरकार और वहां के लोगों के प्रति भारत आभारी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। एक तरफ United States और Israel की ओर से हमले किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है, जिससे वहां मौजूद विदेशी नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।
यूरोप में कूटनीतिक चर्चा
इस बीच Subrahmanyam Jaishankar ने ब्रसेल्स में Constantinos Kombos से भी मुलाकात की।
बैठक में हुई प्रमुख चर्चा:
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भारत और साइप्रस के बीच रणनीतिक साझेदारी
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पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति
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भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूत करना
खाड़ी देशों से भी हुई बातचीत
ईरान संकट को लेकर भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय है।
जयशंकर ने जिन देशों के विदेश मंत्रियों से बात की:
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Saudi Arabia के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud
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United Arab Emirates के विदेश मंत्री Abdullah bin Zayed Al Nahyan
इन बातचीतों में पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
भारत सरकार का कहना है कि विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और संकट की स्थिति में उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।