संसद भवन में अचानक बजा खतरे का सायरन, CISF हुई अलर्ट; बाद में पता चली ये वजह
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देश की राजधानी में स्थित संसद भवन परिसर में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब अचानक खतरे का सायरन बजने लगा। सायरन की तेज आवाज सुनते ही परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मी और अन्य लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
सायरन बजते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की क्विक रिएक्शन टीम तुरंत सक्रिय हो गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संसद परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई। साथ ही परिसर में आने-जाने वाले सभी वाहनों की सख्त जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की निगरानी भी बढ़ा दी ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद परिसर में लगा स्वचालित सुरक्षा सिस्टम अचानक सक्रिय हो गया था, जिसके कारण खतरे का अलार्म बज उठा। शुरुआती जांच के बाद यह पता चला कि इस अलर्ट के पीछे कोई सुरक्षा खतरा नहीं था, बल्कि यह तकनीकी कारणों से हुआ था।
जांच में सामने आया कि परिसर में लगा एक बूम बैरियर तेज हवा के कारण हिल गया था। यह बैरियर सुरक्षा सेंसर से जुड़ा हुआ है। जैसे ही बैरियर हिला, सेंसर सक्रिय हो गया और ऑटोमेटेड सुरक्षा प्रणाली ने खतरे का सायरन बजा दिया। इसी वजह से पूरे परिसर में अलर्ट की स्थिति बन गई।
घटना की जानकारी मिलते ही CISF के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बूम बैरियर सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों और सेंसर सिस्टम की भी जांच कराई। जांच के दौरान किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले।
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी घटना केवल तकनीकी वजह से हुई थी और घबराने जैसी कोई बात नहीं थी। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संसद भवन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया।
हालांकि इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर परिसर में लगे सभी सुरक्षा उपकरणों और सेंसर सिस्टम की दोबारा जांच करने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि संसद भवन की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो।