अस्पताल में सफल ओपन सर्जरी: फाइब्रॉयड और डर्मोइड सिस्ट दोनों हटाए गए
जिला अस्पताल में बुधवार को चिकित्सकों की टीम ने एक जटिल और जोखिमपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। 45 वर्षीय महिला के पेट में बना बड़ा डर्मोइड सिस्ट और गर्भाशय में पाया गया सबम्यूकोसल फाइब्रॉयड हटाने के लिए डॉक्टरों ने टोटल एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी (TAH) की। यह ऑपरेशन डॉ. दीपा त्यागी, डॉ. अजय राणा, डॉ. अर्चना यादव (DNB छात्रा) और उनकी टीम द्वारा किया गया।
कई महीनों से परेशान थी मरीज
मरीज पिछले कई महीनों से पेट भारी लगने, दर्द और अनियमित माहवारी से परेशान थी। जांच में पता चला कि एक अंडाशय में लगभग 5×7 इंच का डर्मोइड सिस्ट मौजूद है। इसके अलावा गर्भाशय में 2–3 इंच का फाइब्रॉयड मिला, जिसकी वजह से TAH करना आवश्यक माना गया।
बिना किसी जटिलता के पूरा हुआ ऑपरेशन
डॉक्टरों ने ओपन सर्जरी तकनीक से सिस्ट को सुरक्षित तरीके से हटाया। पूरी प्रक्रिया तय समय में और बिना किसी जटिलता के पूरी हो गई। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति स्थिर है और कुछ दिनों की निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
समय पर जांच बेहद जरूरी – विशेषज्ञ
सर्जरी का नेतृत्व करने वाली डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि डर्मोइड सिस्ट प्रायः सौम्य होते हैं, लेकिन बड़े आकार में होने पर दर्द, मरोड़ और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर जांच और इलाज जरूरी है।
जटिल सर्जरियों में सक्षम हुआ जिला अस्पताल
अस्पताल के CMS डॉ. अजय राणा ने कहा कि अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों की मौजूदगी के कारण अब जिला अस्पताल में भी जटिल ऑपरेशन आसानी से संभव हो पा रहे हैं। इससे मरीजों को बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।