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नोएडा में बड़ा खुलासा: असली मोबाइल में चोरी के पार्ट लगाने वाला गैंग गिरफ्तार

नोएडा: दिल्ली–एनसीआर में बढ़ती मोबाइल स्नैचिंग के बीच पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने चोरी किए गए मोबाइलों को बेचने के बजाय उनका वजूद ही मिटा देने का तरीका अपना रखा था। थाना सेक्टर-58 पुलिस ने चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 52 चोरी व लूटी गईं मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें से 12 मोबाइल विभिन्न थानों में दर्ज FIR से मैच हुए हैं। यह गैंग अब तक 200 से अधिक वारदातें कर चुका है।

कैसे काम करता था यह गैंग?
स्पोर्ट्स बाइक से करते थे मोबाइल स्नैचिंग

तीनों आरोपी—विजय, अमन और कमरू—नौकरी की तलाश में नोएडा आए थे, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया में उतर गए। ये स्पोर्ट्स बाइक पर रेकी कर मोबाइल और लैपटॉप स्नैचिंग करते थे।

लूटे गए फोन के पार्ट्स ग्राहकों के मोबाइल में लगाते थे

गिरोह का मास्टरमाइंड था रितेश, जो सेक्टर-63 में मोबाइल रिपेयरिंग शॉप चलाता है।
लूटे गए मोबाइल को वह दुकान पर लाकर स्क्रीन, मदरबोर्ड, बैटरी, कैमरा जैसे सभी पार्ट्स अलग कर देता था। इन्हें “नई और ओरिजिनल” बताकर रिपेयरिंग के लिए आए ग्राहकों के मोबाइल में फिट कर दिया जाता था।

IMEI ट्रैकिंग से बचने का चौंकाने वाला तरीका

इस गैंग की सबसे बड़ी चालाकी यही थी कि एक लूटा गया मोबाइल कई हिस्सों में बंट जाता था—

  • मदरबोर्ड नष्ट कर दिया जाता था

  • IMEI वाला हिस्सा अलग कर दिया जाता था
    इससे पुलिस को मोबाइल लोकेशन ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता था।

एक मोबाइल बेचने पर सिर्फ 5–6 हजार मिलते, लेकिन पार्ट्स बेचकर गैंग 20–25 हजार रुपये तक कमा लेता था।

7–8 साल से सक्रिय गैंग

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह पिछले 7–8 वर्षों से सक्रिय है।
कमरू और विजय पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। जेल से बाहर आते ही दोनों फिर से नए तरीके से लूटपाट शुरू कर देते थे।

पुलिस ने कैसे पकड़ा?

शहर में मोबाइल स्नैचिंग के बढ़ते मामलों के बाद एक स्पेशल टीम बनाई गई थी।
सीसीटीवी फुटेज, लोकल इनपुट और तकनीकी निगरानी से पुलिस को पता चला कि चार संदिग्ध सेक्टर-60 स्थित विल्मर कंपनी के पास वारदात की फिराक में हैं।
घेराबंदी करके चारों को पकड़ लिया गया।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि चोरी के पार्ट्स किन अन्य दुकानों और खरीदारों तक पहुंचते थे।
साथ ही, गैंग द्वारा किए गए बाकी अपराधों की भी जांच की जा रही है।

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