ब्राजील में एक्सपोर्ट करने वाली फर्म 12 करोड़ का कपड़ा ऑर्डर देने के बाद लेने से मुकरी
समझौता होने के बाद 1.23 करोड़ का माल लिया भी तो फर्जी चेक से किया भुगतान, जांच में जुटी पुलिस
Mediawali news
सेक्टर 63 स्थित रेडीमेड कपड़ों के कारोबार में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नोएडा के एक कारोबारी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली और नोएडा से ब्राजील देश में कपड़े एक्सपोर्ट करने वाली फर्म पहले 12 करोड़ रुपये से ज्यादा का बड़ा ऑर्डर दिया, फिर 6 करोड़ों का माल तैयार करवाकर लेने से मुकर गई। इतना ही नहीं, भुगतान के लिए दिए 1.23 करोड़ रुपये रुपये का चेक भी बाउंस हो गए। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपने पैसे मांगे तो उसे लोहे की रॉड दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में कंपनी के चार डायरेक्टरों के खिलाफ सेक्टर 63 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
मैसर्स अरविंद कुमार एंड कंपनी के प्रोपराइटर नीरज कुमार साध ने पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की। इसके बाद सेक्टर 63 थाने की पुलिस ने केस दर्ज किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी रेडीमेड कपड़ों के निर्माण और निर्यात के कारोबार करती है। आरोप है कि अप्रैल 2024 में मैसर्स अंजलिका इंटरनेशनल फर्म के के पार्टनर संजीव गुप्ता, निशांत गुप्ता और वासु गुप्ता ने नीरज से मुलाकात की और बताया कि उनकी फर्म ब्राजील में रेडीमेड कपड़ों के एक्सपोर्ट का काम करती है।
ऑर्डर देने के बाद मुकरे
आरोपियों ने 12.35 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर दिया। पुराने संबंधों और भरोसे के चलते उन्होंने बिना पूरा एडवांस लिए ही कपड़ा और कच्चा माल खरीद लिया और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच तीन साल से कारोबारी संबंध बने थे। आरोपी फर्म समय-समय पर लेडीज कुर्ती, शॉल और स्टोल जैसे कपड़ों के ऑर्डर देती थी। पहले सैंपल मंजूर किए जाते थे, फिर माल तैयार होता था। तय नियम के अनुसार, 30 फीसदी एडवांस और बाकी भुगतान डिलीवरी से पहले होना था। लेकिन आरोपियों ने माल तैयार हो जाने के बाद लेने से मना कर दिया।
फर्जी चेक देकर माल उठाया
दिसंबर 2024 में दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई और माल उठाने व भुगतान का लिखित टाइम शेड्यूल भी तय हुआ। इसके बावजूद आरोपी अपने वादे से पीछे हट गए। बाद में अप्रैल और अगस्त 2025 में करीब 1.23 करोड़ रुपये का माल उठाया गया, लेकिन भुगतान के लिए दिए गए कई चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। कंपनी प्रोपराइटर का दावा है कि करीब 6.5 करोड़ रुपये का तैयार माल उनके गोदाम में पड़ा है। आरोप है कि 10 दिसंबर 2025 को जब वह पैसे मांगने आरोपी फर्म के ऑफिस पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने लोहे की रॉड दिखाकर धमकाया और कहा कि अगर दोबारा पैसे या माल की बात की तो गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। मामले में पुलिस जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कह रही है।