तेज रफ्तार का कहर: दुबियाना अंडरपास पर दर्दनाक हादसा

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कानपुर/बिल्हौर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने तीन लोगों की जान ले ली, जबकि एक मासूम बच्ची जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। हादसा दुबियाना अंडरपास के पास हाईवे पर हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया।

तीन की मौके पर मौत, बच्ची की हालत नाजुक

इस हादसे में 45 वर्षीय विनोद निषाद, 52 वर्षीय रामनारायण निषाद और 11 वर्षीय पीयूष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 10 वर्षीय दीक्षा गंभीर रूप से घायल हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद दीक्षा को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया, जहां से उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

तिलक समारोह से लौट रहा था परिवार

जानकारी के अनुसार, बिठूर-बाकरगंज निवासी विनोद निषाद अपने बहनोई के यहां बिल्हौर के कल्लू पुरवा गांव में तिलक समारोह में शामिल होने गए थे। उनके साथ पड़ोसी रामनारायण निषाद, बेटी दीक्षा और रिश्तेदार का बेटा पीयूष भी थे। गुरुवार सुबह सभी एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।

नींद की झपकी बनी हादसे की वजह

बताया जा रहा है कि तिलक कार्यक्रम में रातभर जागरण हुआ था, जिसके कारण चालक को नींद की झपकी आ गई। शिवराजपुर क्षेत्र में लुधियाना गांव के सामने ओवरब्रिज पर बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। विनोद निषाद खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके पीछे पत्नी मंजू और चार बेटियां हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। रामनारायण निषाद भी किसान थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और पांच बेटियां हैं। हादसे के बाद पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है।

दर्द और सबक दोनों छोड़ गया हादसा

यह हादसा न केवल तीन जिंदगियां छीन ले गया, बल्कि एक मासूम की जिंदगी को भी खतरे में डाल गया है। साथ ही यह घटना सड़क सुरक्षा और थकान में वाहन चलाने के खतरों की एक गंभीर चेतावनी भी देती है।

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