लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, चौबेपुर से बिल्हौर तक निकली भव्य शोभायात्रा
हजारों लोगों ने लिया हिस्सा, पाल समाज ने एकता और सामाजिक जागरूकता का दिया संदेश
Mediawali news, कानपुर
लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर रविवार को बिल्हौर क्षेत्र में भव्य आयोजन किया गया। पाल समाज के तत्वावधान में चौबेपुर से बिल्हौर तक विशाल रैली एवं शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर लोकमाता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पूरे मार्ग में देशभक्ति और समाजिक एकता के नारों से वातावरण गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत चौबेपुर स्थित कामा इंटर कॉलेज परिसर से हुई। यहां से पैदल, बाइक, कार और ट्रैक्टरों के काफिले के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल युवाओं और समाज के लोगों ने हाथों में संदेशात्मक पट्टिकाएं लेकर सामाजिक जागरूकता और एकजुटता का संदेश दिया। “लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
शोभायात्रा का मार्ग में विभिन्न स्थानों पर फूल-मालाओं, शीतल पेय और जलपान से स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवा शिविर भी लगाए गए। पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों में खासा उत्साह नजर आया।
अहिल्याबाई के आदर्श आज भी हैं प्रेरणास्रोत
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। वे मालवा साम्राज्य की महान शासिका, न्यायप्रिय प्रशासक और समाजसेवी थीं। उन्होंने देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों और धार्मिक स्थलों के निर्माण व जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका रही।
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सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
रैली के दौरान चौबेपुर से बिल्हौर तक पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं कार्यक्रम के सफल संचालन में वालंटियर टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।भव्य शोभायात्रा का समापन बिल्हौर के शुभ गेस्ट हाउस में आयोजित सभा के साथ हुआ, जहां वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।