‘सत्तू वाली कैसी है’ से मचा खूनखराबा: अररिया में पार्किंग विवाद बना डबल मर्डर की वजह
Mediawali news
Araria जिले के फारबिसगंज में एक मामूली पार्किंग विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि दो लोगों की जान चली गई। ‘सत्तू वाली कैसी है’ जैसे आपत्तिजनक कमेंट से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। सत्तू बेचने वाले रवि चौहान ने पिकअप ड्राइवर नबी हसन की बेरहमी से हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने रवि को पीट-पीटकर मार डाला।
पार्किंग से शुरू हुआ झगड़ा
जानकारी के मुताबिक, रवि चौहान जहां सत्तू का ठेला लगाता था, उसी जगह पर नबी हसन अक्सर अपनी पिकअप गाड़ी खड़ी कर देता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। स्थानीय लोगों ने कई बार दोनों को समझाकर मामला शांत कराया, लेकिन तनाव बना रहा। गुरुवार सुबह भी जब नबी ने उसी जगह गाड़ी खड़ी की, तो रवि नाराज हो गया और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
आपत्तिजनक टिप्पणी बनी हिंसा की वजह
विवाद के दौरान नबी हसन ने कथित तौर पर रवि की पत्नी को लेकर ‘सत्तू वाली कैसी है’ जैसा कमेंट कर दिया। यह बात रवि को नागवार गुजरी और वह गुस्से में बेकाबू हो गया। उस समय उसके हाथ में चाकू था, जिससे उसने नबी पर हमला कर दिया।
निर्ममता की सारी हदें पार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रवि ने पहले नबी के पेट में चाकू मारा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद रवि उसके ऊपर बैठ गया और लगातार हमला करता रहा। करीब 30 सेकंड तक उसने नबी का गला रेतकर सिर धड़ से अलग कर दिया।इतना ही नहीं, रवि कटा हुआ सिर लेकर सड़क पर घूमता रहा और बाद में उसे एक मोड़ पर रख दिया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसे बेहद वीभत्स बताया जा रहा है।
भीड़ का गुस्सा और दूसरी मौत
नबी हसन की इस बर्बर हत्या के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। परिजन और स्थानीय लोग गुस्से से उबल पड़े। भागने की कोशिश कर रहे रवि चौहान को लोगों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल रवि को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह यह घटना डबल मर्डर में बदल गई।
इलाके में तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद फारबिसगंज में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। आक्रोशित लोगों ने सुभाष चौक पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
छोटी बात, बड़ा अंजाम
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे छोटी-सी बहस और आपत्तिजनक टिप्पणी हिंसा का रूप ले सकती है। मामूली विवाद अगर समय रहते शांत न हो, तो उसका परिणाम कितना भयावह हो सकता है, इसका यह ताजा उदाहरण है।