Mediawali news, Noida
नोएडा के सेक्टर-62 स्थित आईएमएस नोएडा में शनिवार को एक विशेष “प्रिंसिपल मीट” का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षाविद और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना और स्कूलों व उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक समन्वय को मजबूत बनाना है।नई शिक्षा नीति पर होगा विचार-विमर्श
कार्यक्रम के दौरान नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलाव, आधुनिक शिक्षण पद्धतियां, डिजिटल लर्निंग, स्किल आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। विशेषज्ञ शिक्षाविद अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे, जिससे स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को नई शिक्षा नीति को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिल सके।शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ होंगे शामिल
आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। यहां बदलती शैक्षणिक जरूरतों, आधुनिक शिक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझावों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल भी अपने अनुभव साझा करेंगे।स्कूलों और कॉलेजों के बीच बढ़ेगा सहयोग
कार्यक्रम की संयोजक इसा व्यास ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इससे नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से लागू करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर और वैश्विक स्तर की शिक्षा देने के लिए शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।कई वरिष्ठ शिक्षाविद रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम में आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता, एडवाइजर प्रो. डॉ. जे.के. शर्मा, संस्थान के शिक्षकगण, विभागाध्यक्ष और विभिन्न स्कूलों के वरिष्ठ प्रिंसिपल उपस्थित रहेंगे। सभी अतिथि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को आधुनिक एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने पर अपने विचार रखेंगे।Tags