Noida मदर्स डे का उत्साह: सेक्टर-34 में महिलाओं का सम्मान, फिटनेस और हेल्थ अवेयरनेस पर खास कार्यक्रम
मदर्स डे : फेडरेशन आरडब्ल्यूए सेक्टर-34 और फोर्टिस हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित हुआ विशेष महिला सम्मान समारोह
Mediawali news, Noida
मदर्स डे के अवसर पर नोएडा के सेक्टर-34 स्थित सामुदायिक केंद्र में फेडरेशन आरडब्ल्यूए सेक्टर-34 द्वारा एक भव्य महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और सेक्टर निवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं और महिलाओं के योगदान को सम्मान देना, उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में उनकी भूमिका को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम में विभिन्न सोसायटियों से चयनित महिलाओं को उनके सामाजिक, पारिवारिक और सामुदायिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान महिलाओं के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। आयोजकों ने कहा कि मां केवल परिवार की आधारशिला नहीं होती, बल्कि समाज को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाती है।
मदर्स डे: ज़ुम्बा सेशन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
फेडरेशन आरडब्ल्यूए के महासचिव धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत उत्साह और ऊर्जा से भरपूर ज़ुम्बा सेशन के साथ हुई। इसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। संगीत और डांस के बीच महिलाओं ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा देते हैं। आज की व्यस्त जिंदगी में महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं। ऐसे कार्यक्रम उन्हें खुद के लिए समय निकालने की प्रेरणा देते हैं।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने दी अहम जानकारी
फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा की डॉ. नेहा गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को “इनविजिबल हेल्थ इश्यूज़” यानी ऐसी बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी दी, जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक थकान, तनाव, हार्मोनल बदलाव, कमजोरी और मानसिक दबाव जैसी समस्याएं धीरे-धीरे गंभीर बीमारी का रूप ले सकती हैं।
डॉ. नेहा गुप्ता ने महिलाओं को नियमित हेल्थ चेकअप कराने, संतुलित आहार लेने, योग और व्यायाम करने तथा तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तो परिवार और समाज दोनों मजबूत रहेंगे।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे मदर्स डे पर सेक्टर निवासी
इस अवसर पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के.के. जैन, महासचिव धर्मेन्द्र शर्मा, उपाध्यक्ष कुलदीप मुंशी, कोषाध्यक्ष एम.सी. भारद्वाज तथा फोर्टिस हॉस्पिटल से तहेबा खान सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और सेक्टर निवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया।
नोएडा और एनसीआर में बढ़ रहा मदर्स डे का ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में मदर्स डे मनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। पहले यह दिन केवल परिवार के भीतर सीमित रूप से मनाया जाता था, लेकिन अब स्कूल, कॉलेज, आरडब्ल्यूए, सामाजिक संस्थाएं और कॉर्पोरेट कंपनियां भी इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने लगी हैं।
एनसीआर में मदर्स डे के मौके पर सम्मान समारोह, हेल्थ कैंप, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फिटनेस एक्टिविटी और सोशल मीडिया कैंपेन आम हो गए हैं। लोग अपनी माताओं के साथ समय बिताने, उन्हें उपहार देने और उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने लगे हैं। सोशल मीडिया और आधुनिक जीवनशैली ने भी इस ट्रेंड को काफी बढ़ावा दिया है।
क्यों मनाया जाता है मदर्स डे?
मदर्स डे दुनिया भर में माताओं के सम्मान और उनके त्याग, प्रेम तथा योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। माना जाता है कि आधुनिक मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। बाद में यह परंपरा दुनिया के कई देशों में फैल गई। भारत में भी अब हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
इस दिन लोग अपनी मां के प्रति प्रेम और आभार व्यक्त करते हैं। बच्चे अपनी मां को गिफ्ट देते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं और उनके महत्व को समझते हैं। बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरे समय में यह दिन परिवारों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम भी करता है।
समाज में महिलाओं के सम्मान का संदेश
सेक्टर-34 में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और सामाजिक योगदान को पहचान देने की एक सकारात्मक पहल भी थी। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि माताओं और महिलाओं की देखभाल और सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हर दिन की जिम्मेदारी है।
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