आईएमएस लॉ कॉलेज में ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ पर विशेष व्याख्यान आयोजित
Mediawali news, Noida
आईएमएस लॉ कॉलेज में “पर्सनैलिटी राइट्स” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल युग में पहचान, निजता और व्यावसायिक दुरुपयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र में विधि विशेषज्ञ एवं अधिवक्ता अंकिता शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
डिजिटल युग में पहचान और निजता की चुनौतियां
कार्यक्रम का मुख्य विषय “डिजिटल युग में पहचान, निजता एवं व्यावसायिक दुरुपयोग की समझ” रहा। अधिवक्ता अंकिता शर्मा ने बताया कि आज के समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभाव तेजी से बढ़ा है, जिससे व्यक्तित्व अधिकारों का महत्व भी बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किसी की फोटो, नाम या पहचान का व्यावसायिक उपयोग करना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से भी गलत है। ऐसे मामलों में व्यक्ति की निजता और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे कानून के माध्यम से संरक्षित किया जाता है।
व्यक्तित्व अधिकारों के कानूनी पहलू
अंकिता शर्मा ने अपने संबोधन में व्यक्तित्व अधिकारों की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति को अपनी पहचान, छवि और नाम पर अधिकार होता है, जिसे कानून सुरक्षा प्रदान करता है।
उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था में उपलब्ध कानूनी उपायों, न्यायालयों के महत्वपूर्ण फैसलों और निजता के अधिकार के तहत मिलने वाली सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी की पहचान का दुरुपयोग होने पर किस प्रकार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रों के लिए समकालीन कानूनी ज्ञान जरूरी
कॉलेज के सलाहकार प्रोफेसर डॉ. जे.के. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों को आधुनिक और समकालीन कानूनी विषयों की जानकारी देना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पर्सनैलिटी राइट्स, निजता संरक्षण और साइबर कानून जैसे विषय तेजी से महत्व प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इनके व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना समय की मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के आत्मविश्वास और विश्लेषण क्षमता को मजबूत करते हैं।
आईपीआर क्लब की पहल और कार्यक्रम की सफलता
डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. गोविंद प्रसाद गोयल ने बताया कि यह कार्यक्रम कॉलेज के आईपीआर क्लब के नेतृत्व में आयोजित किया गया। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन और अन्य संकाय सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आईपीआर क्लब के हेड डॉ. सचिन गोयल ने जानकारी दी कि इस सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तित्व अधिकारों के महत्व, निजी जानकारी की सुरक्षा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पहचान के दुरुपयोग से जुड़े कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को समकालीन कानूनी चुनौतियों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे वे भविष्य में इन मुद्दों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।