“हर शरारत के पीछे एक संकेत” — यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शिक्षकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
शिक्षकों को बच्चों की शुरुआती स्वास्थ्य और व्यवहार समस्याएं पहचानने का प्रशिक्षण
नोएडा, 23 फरवरी 2026। यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर-110 द्वारा स्कूल शिक्षकों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों में प्रारंभिक स्वास्थ्य, व्यवहार और विकास संबंधी समस्याओं की पहचान करने के लिए जागरूक और प्रशिक्षित करना था, ताकि समय रहते सही सहायता दी जा सके और बच्चों के लिए संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण तैयार हो सके।
विशेषज्ञों ने दी मानसिक और विकास संबंधी समस्याओं की जानकारी
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रगति जैन (सीनियर कंसल्टेंट – स्त्री एवं प्रसूति रोग) और डॉ. रोली मुंशी (सीनियर कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी) ने किया।
डॉ. रोली मुंशी ने कहा कि बच्चों की विकास संबंधी चुनौतियों के शुरुआती संकेत अक्सर कक्षा में दिखाई देते हैं और शिक्षक उनकी पहचान में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ऑटिज़्म, एडीएचडी (ADHD), डिस्लेक्सिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संकेतों जैसे आंखों से संपर्क न करना, बोलने में देरी, पढ़ाई में गिरावट, पढ़ने-लिखने में कठिनाई और एक जगह न बैठ पाना आदि पर विस्तार से चर्चा की।
बुलिंग और संवाद पर दिया गया विशेष जोर
विशेषज्ञों ने बुलिंग के संकेतों जैसे स्कूल से बचना, अकेलापन और चिंता को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने शिक्षकों को सुझाव दिया कि बच्चों से संवाद करते समय संवेदनशीलता रखें, शांत वातावरण में बात करें और जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए मार्गदर्शन दें।
किशोरावस्था और भावनात्मक देखभाल पर चर्चा
डॉ. प्रगति जैन ने यौवनावस्था, मासिक धर्म, गर्भावस्था और किशोरावस्था के दौरान भावनात्मक देखभाल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए डॉक्टर, परिवार और स्कूल के बीच बेहतर संवाद आवश्यक है।
कार्यक्रम का प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम का मुख्य संदेश था—
“हर शरारती बच्चा गलत नहीं होता, हर कमजोर छात्र आलसी नहीं होता। सही समय पर पहचान और सहयोग से शिक्षक किसी बच्चे का जीवन बदल सकते हैं।”
यह पहल शिक्षकों को जागरूक करने के साथ-साथ बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और संतुलित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।