इमरान खान के इलाज पर वैश्विक चिंता, 14 पूर्व कप्तानों का शहबाज सरकार को पत्र
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में चिंता बढ़ गई है। दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को संयुक्त पत्र लिखकर इमरान खान को तत्काल और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है। हालांकि, इस सूची में किसी भी पाकिस्तानी पूर्व कप्तान का नाम शामिल नहीं है, जिससे यह मामला राजनीतिक और मानवीय बहस का विषय बन गया है।
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और हालिया रिपोर्ट्स में उनकी सेहत बिगड़ने की बात सामने आई है। पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की है कि उनकी सरकार इमरान को समुचित इलाज उपलब्ध कराए और हिरासत की स्थिति मानवीय बनाए रखे।
इन दिग्गज कप्तानों ने किए हस्ताक्षर
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत कई वैश्विक दिग्गज शामिल हैं। अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं में:
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ग्रेग चैपल
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बेलिंडा क्लार्क
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माइकल एथरटन
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नासिर हुसैन
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इयान चैपल
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एलन बॉर्डर
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माइकल ब्रियरले
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डेविड गावर
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किम ह्यूज
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क्लाइव लॉयड
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स्टीव वॉ
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जॉन राइट
गौर करने वाली बात यह है कि इस सूची में किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम नहीं है।
पत्र में क्या कहा गया?
पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में लिखा,
“हम, अपने-अपने देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, इमरान खान की हिरासत और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। इमरान खान विश्व क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि हालिया रिपोर्ट्स में उनकी सेहत, विशेष रूप से दृष्टि कमजोर होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं और पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि उन्हें तत्काल, पर्याप्त और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें जेल में मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही।
दिसंबर 2025 में उनके बेटे सुलेमान ने कहा था कि इमरान खान एक बहुत छोटी कोठरी में रखे गए हैं, जिसे “डेथ सेल” कहा जाता है।
इमरान खान 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद भ्रष्टाचार के कई मामलों में फंसे और दिसंबर 2025 में उन्हें 31 साल की सजा सुनाई गई।
पाकिस्तानी दिग्गजों की चुप्पी
हालांकि, वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी जैसे पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी सोशल मीडिया पर बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग कर चुके हैं, लेकिन इस औपचारिक याचिका पर किसी पाकिस्तानी पूर्व कप्तान के हस्ताक्षर नहीं हैं।
खेल से परे मानवीय अपील
पत्र के अंत में पूर्व कप्तानों ने लिखा कि क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक सेतु रहा है और यह अपील खेल भावना और मानवीय मूल्यों के तहत की गई है, किसी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के उद्देश्य से नहीं।