Snapdeal पर CCPA का 5 लाख का जुर्माना: घटिया खिलौने बेचने का मामला, ग्राहकों के लिए बड़ी चेतावनी
Mediawali news
CCPA Penalty on Snapdeal: अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है।
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Snapdeal पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर ऐसे खिलौने बेचे गए जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे।
क्यों लगा जुर्माना?
कार्रवाई करने वाली संस्था Central Consumer Protection Authority ने कहा कि:
- बेचे गए खिलौने ‘खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020’ के अनुरूप नहीं थे
- कई प्रोडक्ट्स पर BIS सर्टिफिकेशन की जानकारी नहीं थी
- निर्माता का नाम और पता जैसी जरूरी जानकारी भी गायब थी
CCPA के अनुसार, यह ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथा है।
कितनी कमाई हुई?
जांच में सामने आया कि गैर-मानक खिलौनों की बिक्री से Snapdeal ने 41,032 रुपये की फीस कमाई थी।
यह बिक्री दो विक्रेताओं- स्टेलियन ट्रेडिंग कंपनी और थ्रिफ्टकार्ट- के जरिए हुई थी।
कंपनी का बचाव क्या था?
Snapdeal ने कहा कि वह एक ‘मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म’ है, जो केवल विक्रेताओं को जगह देता है—ठीक वैसे जैसे कोई शॉपिंग मॉल।
लेकिन CCPA ने इस तर्क को खारिज कर दिया।
नियामक संस्था के अनुसार:
- प्लेटफॉर्म ‘डील ऑफ द डे’ और प्रमोशनल सेल चलाता है
- ‘बेहतरीन क्वालिटी’ जैसे टैग देता है
- इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी बनती है कि प्रोडक्ट सुरक्षित और प्रमाणित हों
Amazon और Flipkart को भी नोटिस
CCPA ने पहले Amazon और Flipkart समेत कई विक्रेताओं को भी नोटिस जारी किया था। आरोप था कि वे अनिवार्य BIS मानकों का उल्लंघन कर रहे थे।
ग्राहकों के लिए क्या सबक?
अगर आप ऑनलाइन खिलौने या अन्य सामान खरीद रहे हैं, तो:
✔️ BIS सर्टिफिकेशन जरूर चेक करें
✔️ प्रोडक्ट विवरण में निर्माता का नाम और पता देखें
✔️ बहुत सस्ते ऑफर से सावधान रहें
✔️ रिव्यू और रेटिंग ध्यान से पढ़ें
CCPA की सख्त चेतावनी
CCPA ने साफ कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि उनके यहां बिकने वाला हर प्रोडक्ट तय सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को पूरा करे। अगर भविष्य में भी ऐसी गड़बड़ी पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।