भारत की विकास रफ्तार तेज, क्रिसिल ने GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7% किया
नई दिल्ली:
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। पहले के अनुमान की तुलना में इसमें 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की गई है। क्रिसिल का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में मजबूत आर्थिक प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसके चलते यह संशोधन किया गया है।
घरेलू मांग से मिलेगी मजबूती
क्रिसिल के अनुसार, महंगाई में नरमी, GST दरों के तर्कसंगतीकरण और आयकर में राहत से घरेलू खपत को बढ़ावा मिलेगा। इससे उद्योगों की मांग मजबूत होगी और समग्र आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। रेटिंग एजेंसी का मानना है कि यह स्थिति निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाएगी।
निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ का खतरा
हालांकि, क्रिसिल ने आगाह भी किया है कि अमेरिकी टैरिफ भारत के निर्यात और निवेश के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि यदि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होता है, तो इससे व्यापारिक परिस्थितियां और अधिक अनुकूल हो सकती हैं।
महंगाई में और गिरावट की उम्मीद
महंगाई के मोर्चे पर भी राहत की खबर है। क्रिसिल को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में CPI आधारित महंगाई घटकर 2.5% रह सकती है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 4.6% थी।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट, अच्छी कृषि वृद्धि, कच्चे तेल के दाम कम रहना और GST सुधार—इन सभी कारणों से महंगाई काबू में रहने की संभावना जताई गई है।
RBI के अनुमान और मौद्रिक नीति
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी 2025-26 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। वहीं, CPI महंगाई का अनुमान घटाकर 2% कर दिया गया है।
क्रिसिल का मानना है कि हल्की महंगाई के माहौल में RBI नीतिगत दरों में कटौती पर विचार कर सकता है, हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते केंद्रीय बैंक आंकड़ों पर आधारित सतर्क रुख अपना सकता है।
कुल मिलाकर, भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर आगे बढ़ती दिख रही है और विकास की रफ्तार बरकरार रहने की उम्मीद है।