दिव्यांगजन के लिए कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना: शिविरों का होगा आयोजन
Mediawali news
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना” के अंतर्गत जनपद में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह योजना दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, जिससे उनका जीवन अधिक सहज और आत्मनिर्भर बन सके।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
डॉ. द्विवेदी ने बताया कि ऐसे दिव्यांगजन, जिन्हें पिछले 3 वर्षों में किसी प्रकार का सहायक उपकरण प्राप्त नहीं हुआ है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि संस्थागत शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों के लिए यह बाध्यता लागू नहीं होगी।
पात्र लाभार्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://divyangjanup.upsdc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, आवश्यक प्रपत्र डाउनलोड कर उन्हें भरकर निर्धारित शिविरों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है। इसके अतिरिक्त, चिन्हांकन शिविरों के माध्यम से भी आवेदन करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
शिविरों की तिथि और स्थान
जनपद में विभिन्न स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां दिव्यांगजन अपनी सुविधा के अनुसार पहुंचकर पंजीकरण करा सकते हैं।
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21 अप्रैल 2026 – विकासखंड परिसर, दादरी
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25 अप्रैल 2026 – विकासखंड परिसर, बिसरख
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28 अप्रैल 2026 – विकासखंड परिसर, जेवर
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06 मई 2026 – नगर पंचायत परिसर, दनकौर
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12 मई 2026 – नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय, सेक्टर-19 नोएडा
सभी शिविरों का समय प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जहां विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे।
अन्य योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी
इन शिविरों में केवल सहायक उपकरण योजना ही नहीं, बल्कि दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना तथा यूडीआईडी (Unique Disability ID) कार्ड से संबंधित जानकारी का भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही, इच्छुक लाभार्थियों को इन योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता भी प्रदान की जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज
शिविर में भाग लेने वाले दिव्यांगजनों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा, जिनमें प्रमुख रूप से—
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दिव्यांग प्रमाण पत्र
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आय प्रमाण पत्र (गरीबी रेखा से नीचे होने पर)
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निवास प्रमाण पत्र
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जाति प्रमाण पत्र
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आधार कार्ड
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मोबाइल नंबर
इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित विकासखंड, नगर पंचायत या बीआरसी परिसर में पंजीकरण किया जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशासन ने सभी पात्र दिव्यांगजनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर योजना का लाभ उठाएं।