काशी दौरे पर प्रधानमंत्री का बड़ा कार्यक्रम
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प्रधानमंत्री Narendra Modi 28 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र Varanasi (काशी) के दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वे विकास, पर्यटन और धार्मिक आस्था से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। यह दौरा काशी के समग्र विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
6300 करोड़ की 160 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कुल 6300 करोड़ रुपये की 160 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 48 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जबकि 112 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, पर्यटन, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़ी हैं, जिनका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा।
घाटों का जीर्णोद्धार और पर्यटन को बढ़ावा
गंगा किनारे स्थित प्राचीन घाटों के जीर्णोद्धार पर विशेष फोकस किया गया है। इसके लिए लगभग 41 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। काशी में पहले से विकसित Namo Ghat और Kashi Vishwanath Temple कॉरिडोर के बाद अब अन्य प्रमुख घाटों को भी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
दशाश्वमेध घाट और आसपास के क्षेत्रों का विकास
सबसे व्यस्त घाटों में से एक Dashashwamedh Ghat के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 8.27 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री करेंगे। इसके साथ ही राजेंद्र प्रसाद घाट, मान मंदिर घाट और त्रिपुरा भैरवी घाट को भी विकसित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर करीब 6.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
विश्वनाथ-गंगा कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य Kashi Vishwanath Temple और गंगा घाटों के बीच कनेक्टिविटी को और सुगम बनाना है। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर से घाट तक पहुंचने में आसानी होगी और धार्मिक अनुभव अधिक सहज बनेगा।
नारी सम्मेलन को भी करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान बरेका में आयोजित नारी सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। यहां वे महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे। यह कार्यक्रम सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
काशी के विकास को मिलेगी नई दिशा
प्रधानमंत्री का यह दौरा काशी के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को और मजबूत करेगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल शहर की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
कुल मिलाकर, यह पहल काशी को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।