cockroach janta party पर शशि थरूर की प्रतिक्रिया, बोले- युवाओं की नाराजगी को समझना जरूरी
Mediawali news
सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई व्यंग्यात्मक cockroach janta party (CJP) को लेकर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह इस ऑनलाइन आंदोलन से प्रभावित हैं और समझ सकते हैं कि देश के युवा इससे क्यों जुड़ रहे हैं। थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने, व्यंग्य करने और असहमति जताने का पूरा अधिकार होना चाहिए। उन्होंने CJP के सोशल मीडिया अकाउंट को भारत में ब्लॉक किए जाने को गलत और नुकसानदायक कदम बताया।
युवाओं की नाराजगी को समझने की जरूरत
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘cockroach janta party’ के इंस्टाग्राम अकाउंट पर केवल पांच दिनों में 1.5 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ गए। उनके मुताबिक यह इस बात का संकेत है कि देश का युवा वर्ग अपनी समस्याओं और निराशा को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया देना चाहता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की नाराजगी को दबाने के बजाय उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मंच मिलना चाहिए। थरूर के अनुसार लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसमें विरोध, हास्य, व्यंग्य और आलोचना के लिए भी जगह होनी चाहिए।
अकाउंट ब्लॉक करने पर उठाए सवाल
थरूर ने CJP के X अकाउंट को बंद किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी व्यंग्यात्मक आंदोलन को प्रतिबंधित करने से युवाओं की नाराजगी खत्म नहीं होगी। बल्कि इससे असंतोष और बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया आज युवाओं की आवाज बन चुका है और सरकारों को इसे समझने की जरूरत है। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना को जगह देना जरूरी है।
विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत
शशि थरूर ने इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने लेख में कहा कि ‘cockroach janta party’ केवल एक मजाकिया ऑनलाइन ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भीतर बढ़ रही नाराजगी का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि यह विपक्षी दलों के लिए एक बड़ा संकेत है। विपक्ष को समझना चाहिए कि जनता के बीच बदलाव की इच्छा मौजूद है और युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से उठाने की जरूरत है। थरूर के मुताबिक, अगर विपक्ष युवाओं की भावनाओं और समस्याओं को सही तरीके से समझे तो यह भविष्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
युवाओं को बताया बदलाव की ताकत
थरूर ने उम्मीद जताई कि इस तरह के ऑनलाइन आंदोलन से जुड़े युवा भविष्य में अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि युवा मुख्यधारा की राजनीति, मतदान और लोकतांत्रिक भागीदारी के जरिए अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कैसे शुरू हुई ‘cockroach janta party’?
‘cockroach janta party’ की शुरुआत 30 वर्षीय पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दीपके ने की थी। यह व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन उस समय शुरू हुआ जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कुछ कथित टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया और धीरे-धीरे यह एक वायरल ट्रेंड बन गया।
पार्टी के ‘अनोखे नियम’ बने चर्चा का विषय
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ खुद को एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक समूह बताती है। पार्टी के सोशल मीडिया पेज पर मजाकिया अंदाज में सदस्यता के नियम भी बताए गए हैं। पार्टी के अनुसार सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का “बेरोजगार, हमेशा ऑनलाइन रहने वाला, आलसी और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने में माहिर” होना जरूरी है। यही वजह है कि यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर बढ़ती राजनीतिक व्यंग्य संस्कृति
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘cockroach janta party’ जैसे ऑनलाइन आंदोलन यह दिखाते हैं कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है। युवा अब मीम्स, व्यंग्य और डिजिटल अभियानों के जरिए अपनी राजनीतिक और सामाजिक राय खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। फिलहाल, इस मुद्दे पर बहस तेज है और आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ऑनलाइन ट्रेंड केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या वास्तविक राजनीतिक विमर्श को भी प्रभावित करता है।