बीएमसी चुनाव पर स्याही विवाद: वायरल वीडियो की जांच, एसईसी ने कही सख्त बात
BMC चुनाव से पहले स्याही को लेकर विवाद
महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले एक नया विवाद सामने आ गया है। मतदान में इस्तेमाल होने वाली स्याही (इंडेलिबल इंक) को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मतदाताओं की उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है।
वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ लोग पानी, केमिकल या रगड़ की मदद से स्याही हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन दावों के सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर स्याही टिकाऊ नहीं है, तो दोबारा मतदान जैसे मामलों का खतरा बढ़ सकता है।
विपक्ष का हमला, आयोग पर दबाव
वायरल वीडियो के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। नेताओं का कहना है कि स्याही का मकसद फर्जी मतदान रोकना होता है और अगर वही आसानी से मिट जाए, तो चुनाव की विश्वसनीयता पर असर पड़ेगा। विपक्ष ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
राज्य निर्वाचन आयोग का जवाब
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदान में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही तय मानकों के अनुसार ही खरीदी जाती है। फिर भी, सोशल मीडिया पर सामने आए दावों की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है।
अफवाहों से बचने की अपील
निर्वाचन आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही सच मानें। आयोग ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर स्याही की गुणवत्ता या मतदान प्रक्रिया में सुधार जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
चुनाव के महत्व के चलते बढ़ी चिंता
BMC चुनाव देश के सबसे बड़े और अहम नगर निगम चुनावों में से एक माने जाते हैं। ऐसे में स्याही को लेकर उठा विवाद चुनावी माहौल को और गरमा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग को जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि मतदाताओं का भरोसा बना रहे।