6 महीने बाद लेह पहुंचे सोनम वांगचुक
Mediawali news, Noida
लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक करीब 6 महीने (लगभग 170 दिन) बाद रविवार को लेह पहुंचे। उनके पहुंचने पर हजारों समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। शहर में उनके सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।
समर्थकों को दिया संदेश
वांगचुक ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जिस उद्देश्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उसके लिए “एक नया सूरज जरूर उगेगा।” उन्होंने कहा कि 170 दिनों के बाद अपने लोगों और पहाड़ों के बीच लौटकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने देशभर के उन लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस संघर्ष के दौरान उनका समर्थन किया।
NSA के तहत हुई थी गिरफ्तारी
वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लद्दाख में उनके आंदोलन और अनशन के दौरान हुई हिंसा के बाद की गई थी। इसके बाद उन्हें जोधपुर जेल भेज दिया गया, जहां वे करीब 170 दिनों तक बंद रहे।
14 मार्च को मिली रिहाई
केंद्र सरकार ने 14 मार्च 2026 को वांगचुक पर लगा NSA हटा दिया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सरकार के अनुसार यह निर्णय लद्दाख में शांति, स्थिरता और संवाद का माहौल बनाने के लिए लिया गया। उनकी रिहाई सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले हुई थी।
हिरासत का समय रहा आत्ममंथन का अवसर
वांगचुक ने अपने जेल के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह समय उनके लिए आत्ममंथन का अवसर रहा। हालांकि उन्होंने इसे कठिन दौर भी बताया और कहा कि इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजली को कानूनी लड़ाई में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लद्दाख के लिए जारी रहेगा आंदोलन
वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही है और वे लद्दाख के बेहतर और स्थायी भविष्य के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।