पीजीआई बाल चिकित्सा संस्थान का तृतीय स्थापना दिवस: शैक्षणिक व्याख्यान की भव्य शुरुआत
Mediawali news
स्नातकोत्तर बाल चिकित्सा संस्थान के तृतीय स्थापना दिवस (11 अप्रैल 2026) के अवसर पर 10 अप्रैल से प्रथम शैक्षणिक व्याख्यान की शुरुआत की गई। यह पहल संस्थान की अकादमिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और इसे भविष्य के लिए “मील का पत्थर” बताया गया।
निदेशक का स्वागत भाषण
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक Prof. Arun Kumar Singh के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विशेष रूप से Dr. V. K. Paul के योगदान की सराहना की, जो बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं और NITI Aayog के सदस्य भी हैं।
पूर्व निदेशक के सम्मान में व्याख्यान श्रृंखला
यह शैक्षणिक व्याख्यान श्रृंखला संस्थान के पूर्व निदेशक Dr. D. K. Gupta के सम्मान में शुरू की गई है। इस अवसर पर संस्थान में 100 अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (Bone Marrow Transplant) सफलतापूर्वक पूर्ण होने की घोषणा भी की गई, जिस पर उपस्थित सभी लोगों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। डॉ. डी. के. गुप्ता ने अपने संबोधन में संस्थान की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि संस्थान की स्थापना बच्चों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी और आज यह संस्थान उस उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है।
डॉ. वी. के. पॉल का प्रेरणादायक संदेश
डॉ. वी. के. पॉल ने संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने संकाय सदस्यों को और अधिक समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया, ताकि संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू सके।
भविष्य के लिए मजबूत कदम
इस आयोजन ने न केवल संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत दिशा भी तय की। शैक्षणिक व्याख्यान श्रृंखला की शुरुआत से संस्थान में शोध, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं के स्तर को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।