उपभोक्ता फोरम शिकायत के नाम पर साइबर ठगी, एनजीओ संचालिका से 5 लाख रुपये उड़े
फर्जी कॉल और एप डाउनलोड कराकर खाते पर किया कब्जा, साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस
ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने उपभोक्ता फोरम में दर्ज शिकायत का समाधान कराने के बहाने एक एनजीओ संचालिका से पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को उपभोक्ता फोरम से जुड़ा कर्मचारी बताकर पीड़िता को झांसे में लिया और मोबाइल पर फर्जी फॉर्म भरवाने व तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर खाते से रकम निकाल ली। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उपभोक्ता फोरम की शिकायत बनी ठगी का जरिया
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-1 निवासी ममता पी. कुमार एक एनजीओ संचालित करती हैं। उन्होंने 25 अगस्त को उपभोक्ता फोरम में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उन्हें फोरम की ओर से डॉकेट नंबर का मैसेज मिला। इसी बीच दीपक नाम के व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को उपभोक्ता फोरम से जुड़ा कर्मचारी बताया और कहा कि उनका केस उसी को सौंपा गया है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठग ने पीड़िता को अपने जाल में फंसा लिया।
फर्जी लिंक और पंजीकरण शुल्क का झांसा
आरोपी ने उपभोक्ता फोरम से मिलता-जुलता एक लिंक भेजा और उस पर पांच रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा कराने को कहा। हालांकि पेमेंट कैंसिल हो गया, लेकिन कुछ देर बाद पीड़िता को पता चला कि उनके बैंक खाते से 7.25 रुपये कट गए हैं। इसके बाद 29 अगस्त को आरोपी ने दोबारा फोन कर बताया कि उपभोक्ता फोरम से उन्हें जुर्माना राशि मिल गई है, जिसे 30 अगस्त को उनके खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
एप डाउनलोड कराकर लिया मोबाइल कंट्रोल
30 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे आरोपी ने फोन कर गूगल पे से जुड़ी जानकारी मांगी। इसके बाद तकनीकी दिक्कत का हवाला देते हुए एक एप डाउनलोड कराई। आरोपी ने समझाने के बहाने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल की और स्क्रीन शेयर करवा ली। इसी दौरान पीड़िता के खाते से पांच लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
बैंक कॉल से हुआ ठगी का खुलासा
राशि कटने का मैसेज आने के साथ ही बैंक स्टाफ का कॉल भी आया, तब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक खाता और लेनदेन ब्लॉक कराया और एनसीआरपी पोर्टल व साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में जुटी साइबर पुलिस
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और किसी को भी मोबाइल का एक्सेस न दें।