शिवा दुलारे, बिल्हौर (कानपुर नगर)
कानपुर नगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत राधन में कथित अवैध खनन और तेज रफ्तार डंपरों के संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के एक निवासी ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बिल्हौर को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चल रहे कथित अवैध खनन के कारण न केवल सरकारी नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि गांव के लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। सबसे बड़ी चिंता तेज रफ्तार डंपरों की है, जो दिन-रात गांव की सड़कों से गुजरते हैं। इससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है।
एसडीएम को दिया गया शिकायत पत्र
ग्राम पंचायत राधन निवासी रतन सिंह ने उपजिलाधिकारी बिल्हौर को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायत में उन्होंने गांव के ही गोविंद सिंह पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, मिट्टी का खनन निर्धारित स्थान पर न करके अन्य स्थानों से किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन का कार्य नियमों के अनुसार नहीं हो रहा और मनमाने तरीके से मिट्टी की खुदाई कर उसे बेचा जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रशासन की जांच के बाद ही हो सकेगी।
तेज रफ्तार डंपरों से बढ़ा हादसों का खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक खनन कार्य में लगे कई डंपर गांव की मुख्य सड़क पर तेज गति से चलते हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ डंपरों पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी होती, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
बता दें कि गांव के लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और भारी वाहनों के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका आरोप है कि हाल ही में एक डंपर ने सड़क पर जा रहे एक साइकिल सवार को टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद भी डंपरों की तेज रफ्तार पर कोई रोक नहीं लगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
सड़कें हुईं खराब, लोगों को हो रही परेशानी
गांव के लोगों का कहना है कि लगातार भारी और ओवरलोड डंपरों के गुजरने से गांव की सड़कें पूरी तरह खराब हो गई हैं। कई जगह सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल चलने वालों को काफी परेशानी होती है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं और लोगों का सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है।
विरोध करने पर धमकाने का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब गांव के लोग कथित अवैध खनन या तेज रफ्तार डंपरों का विरोध करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी वजह से कई लोग खुलकर अपनी बात कहने से भी डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में भय का माहौल बन गया है और लोग चाहते हैं कि प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराए।
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प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने गांव की मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों के संचालन पर रोक लगाने, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच कराने और सड़क की मरम्मत कराने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सुरक्षा और लोगों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं, तो दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।