Meghalaya: GHADC चुनाव से पहले मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स में तनाव, हिंसा के बाद सेना तैनात और इंटरनेट बंद
Mediawali news
Meghalaya के West Garo Hills जिले में गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) चुनाव से पहले हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने इलाके में सेना तैनात कर दी है। इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और कई इलाकों में कर्फ्यू भी लागू किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
जानकारी के अनुसार यह विवाद Garo Hills Autonomous District Council (जीएचएडीसी) के चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान शुरू हुआ। प्रशासन की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया था कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को नामांकन के समय वैध अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस फैसले को लेकर कुछ संगठनों और समूहों में असंतोष फैल गया, क्योंकि पहले की व्यवस्था में कुछ गैर-आदिवासी उम्मीदवारों को भी चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिलती रही है।
इसी मुद्दे को लेकर गारो समुदाय के कुछ लोगों और गैर-आदिवासी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच रात भर टकराव चलता रहा, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया। स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। शुरुआती खबरों में कहा गया कि इस गोलीबारी में दो युवकों की मौत हो गई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है।
घटना के बाद हालात और बिगड़ने लगे। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। जिला मुख्यालय Tura में भी कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और कई इमारतों पर पत्थर फेंके गए। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और बड़े नुकसान को टाल दिया।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब फूलबारी के पूर्व विधायक SG Esmatur Mominin नामांकन दाखिल करने के लिए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके ऊपर हमला करने की कोशिश की गई। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उन्हें और दूसरे उम्मीदवार Enamul Haque को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थिति को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री Conrad Sangma की सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रशासन का कहना है कि शांति बहाल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि GHADC चुनाव को लेकर उठे इस विवाद ने क्षेत्र में पहचान और प्रतिनिधित्व से जुड़ी संवेदनशील बहस को भी सामने ला दिया है। ऐसे में प्रशासन के लिए चुनाव से पहले शांति और भरोसे का माहौल बनाना बड़ी चुनौती बन गया है।