पीजीआईसीएच में नवजात शिशुओं के उपचार पर कार्यशाला आयोजित
Mediawali news, Noida
गौतमबुद्धनगर। नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार और डॉक्टरों के प्रशिक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से पीजीआईसीएच में एडवांस नवजात पुनर्जीवन (नियोनेटल रिससिटेशन) पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन Academy of Pediatrics Noida और National Neonatology Forum, नोएडा के सहयोग से किया गया।
नवजात शिशुओं के उपचार पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला का मुख्य विषय उन नवजात शिशुओं के उपचार और देखभाल पर केंद्रित था, जो जन्म के तुरंत बाद रोते नहीं हैं। ऐसे बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है, जैसे दौरे पड़ना, मानसिक विकास में कमी और सेरेब्रल पाल्सी जैसी बीमारियां। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि ऐसे शिशुओं को समय पर और सही तरीके से उपचार दिया जाए तो कई बच्चे भविष्य में पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने साझा किया अनुभव
इस कार्यशाला का आयोजन नियोनेटोलॉजी विभाग की प्रमुख Dr Ruchi Rai ने किया। प्रशिक्षण सत्र में Dr R K Thapar, Dr Surendra Mathur और Dr Brajendra ने भी डॉक्टरों को नवजात शिशुओं के उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से आपात स्थिति में शिशुओं को बचाने के तरीकों पर भी चर्चा की।
डॉक्टरों और नर्सों के प्रशिक्षण पर जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Dr Ruchira Gupta, सचिव, Indian Academy of Pediatrics उपस्थित रहीं। उन्होंने नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए डॉक्टरों और नर्सों को नियमित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने लिया भाग
कार्यशाला में दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लगभग 30 बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़ी नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर भी चर्चा की।