ट्रंप बोले– “पहले जैसे नहीं रहे UK-US रिश्ते”
Mediawali news
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक संबंध अब पहले जैसे नहीं रहे। ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए मतभेद के बाद ट्रंप का यह बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “यह देखना बहुत दुखद है कि हमारा रिश्ता अब वैसा नहीं रहा जैसा हुआ करता था। हम UK से प्यार करते हैं, लेकिन हालात बदल गए हैं।”
ईरान युद्ध पर मतभेद
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने संसद में कहा कि उनकी सरकार “आसमान से शासन परिवर्तन” (regime change from the skies) में विश्वास नहीं करती। शुरुआत में उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार कर दिया था।
हालांकि बाद में उन्होंने सीमित और रक्षात्मक उद्देश्य से अमेरिका को दो ब्रिटिश सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। इनमें पश्चिमी इंग्लैंड का एक बेस और हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया बेस शामिल हैं।
ट्रंप की नाराजगी
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि स्टारमर का रवैया “निराशाजनक” था। उन्होंने यहां तक कहा कि अब अमेरिका के यूरोप में फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों के साथ अधिक मजबूत संबंध हैं। ट्रंप के इन बयानों को कूटनीतिक तल्खी के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रिटेन की सावधानी
स्टारमर ने कहा कि ईरान द्वारा हाल में दागी गई मिसाइलों से ब्रिटिश नागरिकों और हितों को खतरा था, इसलिए रक्षात्मक कदम जरूरी थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साइप्रस स्थित RAF अक्रोटिरी बेस का इस्तेमाल अमेरिकी बमवर्षकों द्वारा नहीं किया जा रहा है।
ब्रिटेन में 2003 के इराक युद्ध की यादें अब भी ताजा हैं, जिसमें 179 ब्रिटिश सैनिक मारे गए थे। बाद में हुई जांच में पाया गया कि उस समय की सरकार ने गलत खुफिया जानकारी के आधार पर फैसला लिया था।
कूटनीतिक संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टारमर एक कठिन कूटनीतिक संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर वे अमेरिका के साथ पारंपरिक “स्पेशल रिलेशनशिप” बनाए रखना चाहते हैं, तो दूसरी ओर वे ऐसे युद्ध में सीधे शामिल होने से बचना चाहते हैं जो वैश्विक अस्थिरता बढ़ा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने UK-US संबंधों में नई बहस छेड़ दी है।