15 हजार करोड़ के जीएसटी घोटाले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम
Mediawali news, Noida
हिसार से STF ने दबोचा
करीब 15 हजार करोड़ रुपये के चर्चित जीएसटी घोटाले में वांछित आरोपी बलदेव उर्फ बल्ली (38) को नोएडा एसटीएफ यूनिट ने हरियाणा के हिसार से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर नोएडा पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। सेक्टर-20 थाना पुलिस इस मामले में पहले ही 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली थी कि बलदेव हिसार में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
एमबीए से जीएसटी फ्रॉड तक का सफर
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बलदेव ने वर्ष 2012 में पंजाब यूनिवर्सिटी से एमबीए किया था। वह मूल रूप से हरियाणा के हिसार का निवासी है। पढ़ाई के बाद उसने मेडिकल स्टोर खोला, लेकिन नुकसान होने पर कारोबार बंद करना पड़ा। वर्ष 2014 में उसने पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री शुरू की। इसी दौरान उसकी मुलाकात दिल्ली निवासी अर्चित गोयल से हुई और पैसों के लालच में वह जीएसटी फ्रॉड के नेटवर्क से जुड़ गया।
3500 से ज्यादा फर्जी कंपनियां खड़ी कीं
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कई लोगों के पैन कार्ड हासिल कर उन पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराए और 3500 से अधिक फर्जी कंपनियां खड़ी कर दीं। इन फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी बिल काटे गए। ई-वे बिल के माध्यम से माल की नकली एंट्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत फायदा उठाया गया, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ।
पत्रकार की शिकायत से खुला राज
इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब एक पत्रकार के पैन कार्ड पर फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया। शिकायत के बाद जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरा नेटवर्क उजागर हो गया। अब तक 40 से अधिक आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। कई की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं, जबकि कुछ फरार आरोपियों की तलाश जारी है।