भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का हमला, बोली- यह डील नहीं देश के लिए परेशानी
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नई दिल्ली – अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर देश की राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जल्दबाजी में किया गया यह समझौता देश के हितों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
कांग्रेस का आरोप: जल्दबाजी में एकतरफा समझौता
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने दबाव में आकर एकतरफा शर्तों वाला अंतरिम व्यापार समझौता किया। पार्टी का कहना है कि अगर सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करती, तो भारत को बेहतर शर्तों पर समझौता करने का मौका मिल सकता था। कांग्रेस ने इस डील को “ओरडील यानी परेशानी” करार दिया है।
जयराम रमेश के गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि 2 फरवरी 2026 की रात अचानक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि उसी दिन लोकसभा में क्या हुआ था, जिससे प्रधानमंत्री को व्हाइट हाउस से इस तरह की घोषणा करवानी पड़ी। कांग्रेस का दावा है कि यह समझौता किसानों और देश की संप्रभुता के लिए नुकसानदेह है।
ट्रंप का बयान और टैरिफ विवाद
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार डील जारी रहेगी और भारत टैरिफ देगा। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि टैरिफ नीति से भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने में मदद मिली।
कांग्रेस की मांग: डील को होल्ड पर रखा जाए
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को फिलहाल होल्ड पर रखा जाए और शर्तों पर दोबारा बातचीत की जाए। पार्टी का कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी तरह का इंपोर्ट लिबरलाइजेशन भारतीय किसानों और घरेलू उद्योगों को नुकसान न पहुंचाए।
सियासी माहौल गरमाया
इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने समझौते को दबाव में लिया गया फैसला बताया, जबकि सरकार समर्थकों का कहना है कि यह भारत के वैश्विक व्यापार हितों को मजबूत करेगा। फिलहाल भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।