‘भारत ने जो बनाया, वो दुनिया में कोई और नहीं बना सकता’: UPI और डिजिटल सिस्टम के मुरीद हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों
AI Impact Summit में भारत की डिजिटल क्रांति की जमकर सराहना
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में भारत की डिजिटल प्रगति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने अपना भाषण “नमस्ते” कहकर शुरू किया और कहा कि भारत ने डिजिटल पहचान और भुगतान प्रणाली के क्षेत्र में अद्वितीय मॉडल तैयार किया है, जिसे कोई दूसरा देश दोहरा नहीं सकता।
मैक्रों ने कहा कि भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया के लिए एक मिसाल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम बनाकर वैश्विक स्तर पर नया मानक स्थापित किया है।
मुंबई के सड़क विक्रेता की कहानी सुनाकर डिजिटल बदलाव का उदाहरण दिया
मैक्रों ने अपने भारत दौरे के दौरान मुंबई से जुड़ा एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में सड़क किनारे सामान बेचने वाला एक व्यक्ति पहले बैंक अकाउंट तक नहीं खोल सकता था, लेकिन आज वह अपने मोबाइल फोन से डिजिटल पेमेंट लेता है।
मैक्रों ने कहा,
“यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं है, यह एक सभ्यता की कहानी है।”
उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान प्रणाली ने आम लोगों के जीवन को आसान बना दिया है और उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ा है।
हर महीने 20 अरब डिजिटल ट्रांजैक्शन, 500 मिलियन हेल्थ ID जारी
समिट में मैक्रों ने भारत के डिजिटल आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का पेमेंट सिस्टम हर महीने करीब 20 अरब डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है। इसके अलावा देश ने 500 मिलियन डिजिटल हेल्थ ID जारी कर एक मजबूत डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है।
उन्होंने भारत की डिजिटल प्रगति को दुनिया के लिए प्रेरणा बताया और कहा कि यह मॉडल अन्य देशों के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।
भारत डिजिटल पेमेंट सिस्टम