शंभुआ में चारागाह की जमीन पर अवैध खनन : जांच के आदेश
कानपुर/बिधनू
विकास खंड की ग्राम पंचायत शम्भुआ में सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध खनन और कब्जे का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान, लेखपाल और एक स्थानीय व्यक्ति पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, ग्राम सभा शम्भुआ के मौजा एकघरा स्थित गाटा संख्या 2499 और 2400, जो सरकारी अभिलेखों में चारागाह और रास्ते के रूप में दर्ज है, वहां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया गया है।खनन माफियाओं ने भूमि से लगभग 4 फीट तक मिट्टी निकाल ली है, जिससे समतल भूमि गहरे गड्ढों में बदल गई है। आरोप है कि आरोपी ‘श्याम’ ने न केवल मिट्टी बेची, बल्कि अब उस सरकारी भूमि पर कब्जा कर गेहूं की फसल भी बो दी है। इससे बेसहारा पशुओं के लिए निर्धारित चारागाह समाप्त हो गया है।
लेखपाल का कहना है कि उनकी तैनाती शम्भुआ में करीब एक साल से है और यह खनन उनके कार्यकाल में नहीं हुआ है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और लेखपाल की जानकारी के बिना इतना बड़ा अवैध खनन संभव नहीं था। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।सदर तहसीलदार ने भी पुष्टि की है कि यदि चारागाह पर अवैध खनन हुआ है, तो इस मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने 11 दिसंबर, 2025 को प्रेषित अपनी शिकायत में मांग की है कि सरकारी भूमि को तत्काल अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। साथ ही, अवैध खनन से हुए नुकसान की वसूली दोषियों से की जाए और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों व भू-माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।