कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए खुशखबरी, बार-बार टैक्स भुगतान से मिलेगी निजात
उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक वाहन चालकों और वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य में वन टाइम टैक्स (एक टैक्स) प्रणाली लागू कर दी है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार यह नई व्यवस्था 30 जनवरी से प्रभावी हो चुकी है। यह फैसला राज्य में पंजीकृत 7500 किलोग्राम तक ग्रॉस व्हीकल वेट (GVW) वाले व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। सरकार के इस कदम से लाखों वाहन स्वामियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बार-बार टैक्स भरने की झंझट खत्म
अब तक व्यावसायिक वाहनों पर टैक्स तय अवधि में जमा करना अनिवार्य था। कई बार जानकारी के अभाव या आर्थिक कारणों से टैक्स समय पर न भर पाने पर वाहन मालिकों को जुर्माना और नोटिस का सामना करना पड़ता था। वन टाइम टैक्स व्यवस्था लागू होने से यह परेशानी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। एक बार टैक्स जमा करने के बाद वाहन मालिकों को बार-बार परिवहन विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
परिवहन कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस निर्णय को परिवहन व्यवसाय के लिए एक सकारात्मक और दूरगामी कदम माना जा रहा है। टैक्सी, मोटर कैब, मैक्सी कैब, मालवाहक और विशेष प्रयोजन वाहनों के संचालकों को इससे प्रशासनिक राहत मिलेगी। साथ ही, वाहन स्वामी अब अपने खर्चों की बेहतर योजना बना सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स प्रक्रिया सरल होने से नए लोग भी परिवहन व्यवसाय में निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगे।
व्यावसायिक वाहनों के लिए निर्धारित टैक्स दरें
परिवहन विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग टैक्स दरें तय की गई हैं। किराये या मेहनताना पर चलने वाली दोपहिया मोटरसाइकिलों पर वाहन मूल्य का 12.5 प्रतिशत एक टैक्स देना होगा। तीन पहिया मोटर कैब के लिए यह दर 7 प्रतिशत रखी गई है।
चार पहिया मोटर कैब और मैक्सी कैब के मामले में वाहन की कीमत के आधार पर टैक्स निर्धारित किया गया है। 10 लाख रुपये तक मूल्य वाले वाहनों पर 10.5 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले वाहनों पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
मालवाहक और विशेष प्रयोजन वाहनों के नियम
विशेष प्रयोजन वाहनों में क्रेन, ड्रिलिंग मशीन, कंक्रीट मिक्सर जैसी गाड़ियां शामिल हैं, जिन पर वाहन मूल्य का 6 प्रतिशत टैक्स लागू होगा। वहीं, मालवाहक वाहनों के लिए टैक्स दर उनके ग्रॉस व्हीकल वेट पर निर्भर करेगी।
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3000 किलोग्राम से अधिक GVW वाले मालवाहक वाहनों पर 3 प्रतिशत
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3000 से 7500 किलोग्राम GVW वाले मालवाहक वाहनों पर 6 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
वाहन मालिकों में संतोष
नोएडा और आसपास के इलाकों में व्यावसायिक वाहन चलाने वाले लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। वाहन मालिकों का कहना है कि एक टैक्स प्रणाली से समय और पैसे दोनों की बचत होगी और जुर्माने का डर भी समाप्त हो जाएगा।