नोएडा में सरकारी डिस्पेंसरी की बदहाल व्यवस्था
नोएडा के सेक्टर-57 स्थित सरकारी डिस्पेंसरी में इन दिनों दवाओं की गंभीर कमी देखने को मिल रही है। बीते तीन से चार दिनों से मरीज रोजाना इलाज और दवाएं लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कभी दवाएं खत्म होने की बात कही जा रही है तो कभी ऑनलाइन पोर्टल बंद होने का हवाला देकर मरीजों को वापस भेज दिया जाता है।
बुजुर्ग और गंभीर मरीज सबसे ज्यादा परेशान
डिस्पेंसरी में आने वाले मरीजों में बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग शामिल हैं। कई मरीज नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य पुरानी बीमारियों की दवाओं पर निर्भर हैं। समय पर दवाएं न मिलने से उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
लाइन में घंटों इंतजार के बाद निराशा
मरीजों का कहना है कि दवा लेने के लिए सुबह से लंबी कतार में लगना पड़ता है। कई बार दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद कर्मचारियों द्वारा यह कह दिया जाता है कि सर्वर डाउन है या दवा उपलब्ध नहीं है। स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण मरीजों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लगातार बनी हुई है समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार शनिवार से लगातार यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। डिस्पेंसरी प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा है, जिससे अव्यवस्था और बढ़ रही है।
प्रशासन से समाधान की मांग
मरीजों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि डिस्पेंसरी में दवाओं की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि मरीजों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल मरीज उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही हालात सुधरेंगे और उन्हें बिना दिक्कत के जरूरी दवाएं मिल सकेंगी।