एयर इंडिया क्रैश प्लेन पर सुरक्षा दोषों का आरोप
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के भीषण विमान हादसे को लेकर नए और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह दावा किया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुआ Boeing 787 Dreamliner विमान पहले से ही कई सुरक्षा और तकनीकी खामियों से जूझ रहा था। अमेरिकी विमान सुरक्षा समूह Foundation for Aviation Safety ने इस संबंध में दावा करते हुए विमान की पिछली तकनीकी समस्याओं का विवरण सामने रखा है।
तकनीकी खामियों के गंभीर आरोप
अभियान समूह के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान (पंजीकरण VT-ANB) ने अपने परिचालन काल में कई बार गंभीर तकनीकी दिक्कतों का सामना किया था। इनमें इलेक्ट्रिकल और सॉफ्टवेयर खराबियां, सर्किट ब्रेकर का बार-बार ट्रिप होना, वायरिंग को नुकसान, शॉर्ट सर्किट और पावर सिस्टम में ओवरहीटिंग जैसी समस्याएं शामिल बताई गई हैं। समूह का कहना है कि इन खामियों के कारण विमान के 11 वर्षों के सेवा काल में बार-बार तकनीकी हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी।
2022 में पावर पैनल में लगी थी आग
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2022 में विमान के P100 पावर डिस्ट्रीब्यूशन पैनल में आग लग गई थी। यह पैनल इंजन से उत्पन्न उच्च-वोल्टेज बिजली को पूरे विमान में वितरित करता है। आग लगने की घटना के बाद इस पैनल को पूरी तरह बदलना पड़ा था। सुरक्षा समूह का दावा है कि यह घटना विमान की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद हुआ था हादसा
गौरतलब है कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें करीब 260 यात्रियों की जान चली गई थी। यह हादसा देश के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक माना जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया
सरकारी एजेंसी Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया था कि टेकऑफ के तुरंत बाद इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच “RUN” से “CUTOFF” स्थिति में चले गए थे। इससे दोनों इंजनों का थ्रस्ट खत्म हो गया और विमान नीचे गिर गया। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह तकनीकी खराबी के कारण हुआ या किसी अन्य वजह से।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
अभियान समूह द्वारा अमेरिकी सीनेट को सौंपी गई रिपोर्ट ने तकनीकी खामियों पर ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। फिलहाल AAIB की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।