शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड, ग्रेटर नोएडा के कारोबारी से 81.80 लाख की ठगी

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— अनजान नंबर से संपर्क, व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी ऐप के जरिए रची गई साजिश —

ग्रेटर नोएडा।
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने ग्रेटर नोएडा के एक व्यवसायी से 81.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को नामी ब्रोकरेज कंपनी से जुड़ा ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर पहले विश्वास जीता, फिर व्हाट्सऐप ग्रुप, फर्जी ट्रेनिंग और नकली निवेश ऐप के जरिए पीड़ित को जाल में फंसा लिया। मामले में पीड़ित की शिकायत पर केस साइबर थाने को ट्रांसफर कर दिया गया है और पुलिस जांच में जुट गई है।

अनजान कॉल से शुरू हुई ठगी की कहानी

पीड़ित नवीन कैंथ, निवासी अमरापली लीजर वैली, टेकजोन सोसायटी, ने पुलिस को बताया कि 29 अक्टूबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। कॉलर ने खुद को आनंद राठी वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़ा बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश की जानकारी दी। अगले ही दिन उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां रोजाना मुनाफे के स्क्रीनशॉट और कमाई के दावे किए जाते थे।

फर्जी ट्रेनिंग और नकली ऐप से बढ़ाया भरोसा

ग्रुप में पीड़ित को शेयर ट्रेडिंग की तथाकथित ट्रेनिंग दी गई और एक फर्जी एप्लिकेशन डाउनलोड कराई गई, जिसमें निवेश की रकम और मुनाफा दिखाया जाता था। शुरुआत में पीड़ित ने 10 हजार रुपये लगाए, फिर 20, 30 और 40 हजार रुपये जैसे छोटे अमाउंट निवेश किए। जब ऐप पर मुनाफा दिखने लगा, तो ठगों ने भरोसा और मजबूत कर लिया।

आईपीओ में निवेश और लोन लेने का दबाव

इसके बाद ठगों ने एक्सेल सॉफ्ट टेक्नोलॉजी और एक्साटो टेक्नोलॉजी जैसे कथित आईपीओ में निवेश का दबाव बनाया। पीड़ित ने 16 बार में 27.80 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। यहीं नहीं, ठगों ने लोन लेकर निवेश करने की सलाह दी। झांसे में आकर पीड़ित ने दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 52 लाख रुपये का लोन लेकर भी ठगों के खातों में भेज दिए।

निकासी के नाम पर नई मांग, तब खुला राज

कुछ समय बाद ऐप पर पीड़ित को उनकी कुल रकम करीब 2 करोड़ रुपये दिखाई देने लगी। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने 60.80 लाख रुपये प्लेटफॉर्म चार्ज और 90 लाख रुपये टैक्स के नाम पर मांगे। रकम देने में असमर्थता जताने पर ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। तभी पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

कई तरीकों से कराए गए ट्रांजैक्शन

जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित से IMPS, UPI, RTGS और NEFT के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। ठगों ने खुद को पहले गणेश मंगलम बताया और कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया। बाद में नाम बदलने से पीड़ित को शक तो हुआ, लेकिन लगातार ट्रेनिंग और मुनाफे के लालच ने उसे भ्रमित किए रखा।

पुलिस जांच में जुटी

पीड़ित ने पहले NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला साइबर थाने को ट्रांसफर किया गया। पुलिस ने ट्रांसफर किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटा ली है और ठगों की पहचान व नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, व्हाट्सऐप ग्रुप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश ऑफर्स से सावधान रहें और बिना सत्यापन किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म पर पैसा न लगाएं।

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