GST Rate Cut से महंगाई को राहत, CPI मुद्रास्फीति 0.35% घटने की उम्मीद
SBI रिपोर्ट: टैक्स कटौती और सस्ती खाद्य कीमतें बनेंगी बड़ी वजह
आईएएनएस, नई दिल्ली। जीएसटी दरों में कटौती (GST Rate Cut) का असर आम लोगों की महंगाई पर साफ़ तौर पर दिख सकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई करीब 0.35 प्रतिशत यानी 35 आधार अंक तक कम हो सकती है।
खाद्य महंगाई में लगातार नरमी
अच्छी फसल और जलाशयों में पर्याप्त पानी का असर
SBI रिपोर्ट के अनुसार, अच्छी खरीफ फसल, रबी की मजबूत बुवाई, जलाशयों में पर्याप्त जलस्तर और मिट्टी में नमी के चलते खाद्य महंगाई नियंत्रण में बनी हुई है। इसी कारण बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान घटाकर 1.8 प्रतिशत कर दिया है।
आने वाले वर्षों के लिए महंगाई अनुमान
FY27 और FY28 के अनुमान में भी कटौती
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में महंगाई 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए महंगाई अनुमान को 100 आधार अंक घटाकर 3.9 प्रतिशत कर दिया गया है।
RBI ने भी घटाया महंगाई अनुमान
रेपो रेट लंबे समय तक स्थिर रहने के संकेत
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दिसंबर की मौद्रिक नीति में वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई अनुमान घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है, जो इससे पहले अक्टूबर में 2.6 प्रतिशत और फरवरी में 4.2 प्रतिशत था। RBI के अनुसार, ब्याज दरों में आगे का बदलाव आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा, हालांकि रेपो रेट 5.25 प्रतिशत के आसपास बना रह सकता है।
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GST कटौती का सीधा फायदा पैकेज्ड फूड पर
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में औसतन CPI महंगाई 2.5 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। GST दरों में कटौती का सबसे अधिक असर पैकेज्ड फूड, नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स, सॉस और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ा है, जिससे कोर महंगाई में कमी आई है।
गरीब और ग्रामीण परिवारों को सबसे ज्यादा राहत
खाने-पीने पर खर्च करने वालों को सीधा फायदा
रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई का असर अलग-अलग आय वर्गों पर अलग तरीके से पड़ता है। गरीब और ग्रामीण परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा भोजन और ईंधन पर खर्च करते हैं, ऐसे में खाद्य महंगाई में कमी से इन्हें सबसे अधिक राहत मिली है। आने वाले महीनों में बेस इफेक्ट खत्म होने के बाद महंगाई में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन कम कच्चे तेल की कीमतें और GST कटौती महंगाई को काबू में रखेंगी।