मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
महिलाओं को रखा था कॉलिंग जॉब पर
मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने के बहाने 4,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस लेकर 40,000 रुपये की नौकरी का झांसा देने वाले ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सेक्टर-2 में कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करता था।
इस कॉल सेंटर में वह 1 से 3 महीने के लिए महिलाओं को नौकरी पर रखता था, जिनका काम लोगों को कॉल कर फंसाना था।
अब तक यह गिरोह 150 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। पुलिस ने उसके 10 बैंक अकाउंट भी बरामद कर फ्रीज़ कर दिए हैं।
कैसे किया गया आरोपी का पर्दाफाश
एडीसीपी शैव्या गोयल के अनुसार एनसीआरपी पोर्टल और फेज-वन थाने में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। साइबर थाना पुलिस ने जांच टीम बनाई और सोमवार को रेड कर आरोपी को लाइव ठगी करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
वह एक पीड़ित को ऑफिस बुलाकर नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था, तभी पुलिस मौके पर पहुंची।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल कुमार (23), निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। वह BA पास है और लंबे समय से इसी ठगी में शामिल था।
ठगी का तरीका: फर्जी ऑफर लेटर, नकली ईमेल और बहकावे
पूछताछ में आरोपी ने बताया:
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कॉल सेंटर से बेरोजगार युवाओं को लगातार फोन कराए जाते थे।
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खुद को बड़ी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर नौकरी दिलाने का वादा किया जाता था।
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रजिस्ट्रेशन/वेरिफिकेशन के नाम पर ₹4,000 से ₹25,000 तक वसूले जाते थे।
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फर्जी ईमेल आईडी बनाकर नकली ऑफर लेटर भेजे जाते थे, ताकि भरोसा बन सके।
छापेमारी में पुलिस ने 1 लैपटॉप, 3 चेकबुक, 3 पासबुक, 19 डेबिट कार्ड, 29 मोबाइल फोन, 172 लोगों का डाटा और 30 SIM कार्ड बरामद किए।
फर्जी बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया के जरिए जाल
आरोपी सोशल मीडिया, WhatsApp ग्रुप और Telegram ग्रुप पर नौकरी के विज्ञापन डालता था।
पैसे सीधे UPI या बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराए जाते थे।
10 से अधिक फर्जी बैंक खाते मिले हैं जिनमें लाखों रुपये जमा थे।
गिरोह लंबे समय से कई राज्यों के युवाओं को निशाना बना रहा था।
पुलिस की चेतावनी और अपील
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किसी भी अज्ञात व्यक्ति से नौकरी या ऑफर लेटर पाकर तुरंत कंपनी की वेबसाइट पर जांच करें।
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किसी को भी अपना OTP, बैंक विवरण, आधार, PAN या कार्ड जानकारी न दें।
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ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या
www.cybercrime.gov.in
पर शिकायत दर्ज करें।