“ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन भवन ढहा, एक की मौत, NDRF का रेस्क्यू जारी”
विस्थापन क्षेत्र में चल रहा था अवैध निर्माण
ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब नगला हुकम सिंह गांव में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। यह गांव नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण में अधिग्रहित और विस्थापित होने वाले क्षेत्रों में शामिल है। इमारत गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत में अवैध रूप से निर्माण कार्य चल रहा था और सुबह के समय कई मजदूर अंदर और आसपास काम कर रहे थे। इमारत के गिरते ही कई मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस टीम और फायर यूनिट मौके पर पहुंची और तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
इमारत मालिक पर होगी सख्त कार्रवाई, जांच के आदेश जारी
घटना की गंभीरता देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को भी बुलाया गया। दोनों टीमों ने भारी मशीनरी और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। अभी तक एक मजदूर की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई मजदूरों की तलाश जारी है। कुछ मजदूरों को गंभीर अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य बिना अनुमति और मानकों के विपरीत तरीके से किया जा रहा था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इमारत की नींव और ढांचा कमजोर था, जिसकी वजह से यह अचानक गिर गई। स्थानीय प्रशासन ने इमारत मालिक पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ग्रामवासियों का कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसी अवैध निर्माण गतिविधियाँ जारी हैं क्योंकि यह इलाका एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के कारण तेजी से विकसित होने वाला है। कई लोग बिना अनुमति के मल्टी-स्टोरी निर्माण कर रहे हैं, जिस पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा।
रेस्क्यू ऑपरेशन में सावधानी सर्वोपरि, इलाके में सुरक्षा कड़ी
NDRF के अधिकारियों ने कहा कि मलबा काफी भारी है और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी सावधानी के साथ चल रहा है ताकि किसी भी जीवित व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके। हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के घरों की भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई और ढांचा कमजोर तो नहीं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भीड़ न लगाएं और टीमों को अपना काम करने दें। हादसे ने एक बार फिर अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।