शेयर ट्रेडिंग करने के चक्कर में महिला ने गवा दिए पांच करोड़ रुपये
सोशल मीडिया पर निवेश संबंधित विज्ञापन के लिंक पर क्लिक कर महिला ठगों के झांसे में आई
सेक्टर 50 में रहने वाली एक महिला ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर शेयर ट्रेडिंग में रुचि दिखाई तो उनके साथ पांच करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी हो गई। पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर निवेश संबंधित विज्ञापन देखकर उसके लिंक पर क्लिक किया। उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया और शेयर ट्रेडिंग करने की ट्रेनिंग दी गई। महिला ने दो सप्ताह तक ग्रुप में जुड़े रहने के बाद निवेश करना शुरू किया। ट्रेडिंग ऐप पर 3.50 करोड़ रुपये के निवेश की रकम पर 20 करोड़ रुपये मुनाफा दिखाकर ठगों ने 2 करोड़ रुपये और मांगे। पीड़िता ने रुपये नहीं होने की बात कही तो उन्हें पुलिस केस में फंसाने की धमकी देकर और कुल 18 से अधिक बार में ठगों ने खाते में 5 करोड़ 60 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में ग्रुप से बाहर कर दिया गया। इसके बाद पीड़िता को ठगी की जानकारी हुई। मामले में साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईटी कंपनी में थीं प्रबंधिका
पुलिस को रीना तिवारी ने बताया कि वह पहले एक आईटी कंपनी में प्रबंधिका थी। फिलहाल नौकरी छोड़कर घर पर दो बेटियों के साथ रहती हैं। इसी साल तीन जुलाई को उन्हें इंस्टाग्राम पर समय @aarkay 13 नाम की आईडी से एक विज्ञापन दिखाई दिया। इस पर शेयर ट्रेडिंग एक्सपर्ट के साथ जुड़कर ट्रेनिंग लेने की बात कही गई थी। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। इस दौरान दिव्या राव नाम की महिला ने मेसेज कर बातचीत शुरू कर दी। उसने खुद को ग्रुप असिस्टेंट बताया था। साथ ही शेयर ट्रेडिंग की ट्रेनिंग भी देने लगी। इसके बाद पीड़िता के फोन में एक एप्लिकेशन डाउनलोड कराई। इस पर रजिस्टर्ड कराने के बाद एक खाता चालू कर दिया। पीड़िता लगभग दो सप्ताह तक वॉट्सऐप ग्रुप पर जुड़ी रही। इस पर कुछ लोग रोजाना मुनाफा कमाने का स्क्रीन शॉट डालते थे।
साथ ही हर दिन शाम 4 बजे प्राजक्त सामंत नाम का एक शख्स जो खुद को ऐप का सीईओ बताकर मीटिंग करता था। इसमें स्टॉक, ओटीसी, म्यूचुअल फंड और आईपीओ के साथ शेयर बाजार के बारे में सलाह देता था। पीड़िता को भरोसा हुआ तो उन्होंने 15 जुलाई से निवेश करना शुरू कर दिया। पहले स्टॉक, ओटीसी, म्यूचुअल फंड में निवेश किया। 13 अगस्त तक पीड़िता ने 50 लाख तक निवेश कर दिया था। इसी दौरान उन्हें आईपीओ में निवेश करने की सलाह दी गई और 1.4 करोड़ रुपये के आईपीओ आवंटित कर दिए गए। कुछ दिन बाद महिला ने अपने मुनाफे के 10 लाख रुपये निकालने की कोशिश की। ठगों ने बताया कि आपका खाता फ्रीज हो गया है। जिसमें कुल मुनाफा 20 करोड़ रुपये हुए हैं। अब 2 करोड़ देने पर ही खाता ओपन होगा। महिला ने रुपये नहीं होने की बात कही तो उन्हें पुलिस केस में फंसाने की धमकी देकर कई बार में 5 करोड़ 60 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
केस दर्ज कराने से किया इनकार
इस मामले में पुलिस को जानकारी हुई तो एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने महिला को कॉल कर घटना की जानकारी लेने की कोशिश की। महिला ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। साथ ही पुलिस को घर तक आने से रोका। इसके बाद अगले दिन वकील के साथ थाने पहुंची और केस दर्ज कराया। महिला अपने पति से अलग दो बेटियों के साथ रहती है। पीड़िता को ठगों ने ट्रेनिंग में बताया कि मूल रकम से 20 लाख रुपये मुनाफा होने के बाद 10 लाख रुपये निकाल सकते हैं। महिला ने कुल 3.50 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद प्रॉफिट निकालने की कोशिश की। ठगों ने दस हजार 500 रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद महिला 10 लाख रुपये निकालने का प्रयास करने लगी तो ठगों ने खाता फ्रीज होने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि उसी चक्कर में वीआईपी खाता जिसमें 20 करोड़ रुपये हैं, वह फ्रीज हो गया है। इसे चालू करने के लिए 2 करोड़ रुपये जमा करने होंगे।