“पंजाब में कबड्डी खिलाड़ी की गोली मारकर हत्या: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ?”
पंजाब के लुधियाना ज़िले में कबड्डी खिलाड़ी की हत्या के मामले ने अब गैंगवार का रूप ले लिया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह वारदात लुधियाना के मंकी गांव (समराला) में हुई थी, जहां 22 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी गुरिंदर सिंह को चार नकाबपोश बाइक सवारों ने गोली मार दी थी। इस हमले में गुरिंदर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके एक दोस्त को गोली लगी और तीसरा दोस्त बच गया।
अब सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि यह हत्या हरी (हैरी) बॉक्सर और आरजू बिश्नोई के इशारे पर की गई थी। दोनों ही लॉरेंस बिश्नोई के करीबी साथी हैं और विदेश से गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं। पोस्ट में करण मडपुर और तेजी चक नाम के लोगों को इस हत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है। पोस्ट में अन्य विरोधी गैंगों को धमकी भी दी गई है और एक व्यक्ति बब्बू समराला का नाम विशेष रूप से लिया गया है। हालांकि, पंजाब पुलिस का कहना है कि यह मामला निजी दुश्मनी से जुड़ा भी हो सकता है। खन्ना पुलिस के एसपी (डिटेक्टिव) पवनजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने कम से कम तीन गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली गुरिंदर के पेट में लगी। इसी बीच, लुधियाना के जगराओं इलाके में एक और राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह घटना एक पुरानी रंजिश के चलते हुई थी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग हाल के वर्षों में भारत और विदेश दोनों जगहों पर कई हिंसक घटनाओं से जुड़ा रहा है। हरी बॉक्सर, जो बिश्नोई गैंग का करीबी माना जाता है, पहले कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग की घटना में भी चर्चा में आया था। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि पंजाब में गैंगवार और अपराध का जाल कितना गहराता जा रहा है और खेल जगत भी अब इसकी चपेट में आ रहा है।