कानपुर के उद्योगों को सख्त निर्देश: श्रमिकों को समय पर वेतन, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान और सभी सुविधाएं देना होगा अनिवार्य
श्रम कानूनों के पालन को लेकर आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन की बड़ी बैठक, फैक्ट्रियों में शिकायत पेटिका और न्यूनतम मजदूरी सूची लगाने के निर्देश
Mediawali news, Kanpur Nagar
कानपुर मंडल के आयुक्त एवं उत्तर प्रदेश के निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने गुरुवार को कानपुर नगर और कानपुर देहात की औद्योगिक इकाइयों के उद्यमियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर श्रमिकों के अधिकारों और श्रम कानूनों के पालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। आयुक्त कैंप सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को शासन द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन भुगतान और श्रमिकों से जुड़ी सभी वैधानिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत पालन करना होगा।
बैठक के दौरान आयुक्त ने कहा कि किसी भी उद्योग की सफलता में श्रमिकों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। ऐसे में उनके हितों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित कार्य वातावरण, तय मजदूरी और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से प्रशासन लगातार औद्योगिक इकाइयों की निगरानी कर रहा है।
अप्रैल 2026 से लागू मजदूरी दरों का पालन अनिवार्य
आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अप्रैल 2026 से लागू नई न्यूनतम मजदूरी दरों के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को उसकी श्रेणी के हिसाब से वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में तय मजदूरी से कम भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी फैक्टरी या कंपनी में मजदूरी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी उद्यमियों को निर्देश दिया कि न्यूनतम मजदूरी दरों की सूची फैक्टरी और कार्यालय परिसर के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए। इसका उद्देश्य यह है कि श्रमिकों को आसानी से अपने अधिकारों और निर्धारित मजदूरी की जानकारी मिल सके। प्रशासन का मानना है कि जानकारी मिलने से श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी और विवाद की स्थिति भी कम होगी।
हर महीने 7 तारीख तक बैंक खाते में पहुंचे वेतन
बैठक में वेतन भुगतान व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि सभी कंपनियां प्रत्येक माह की 7 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करें। नकद भुगतान से बचने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल माध्यम से भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि बोनस भुगतान सहित अन्य सभी वैधानिक दायित्वों का समय पर पालन सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की अनियमितता या देरी होने पर श्रम विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान देना होगा
आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने ओवरटाइम भुगतान को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित समय से अधिक काम लिया जाता है तो उसे श्रम कानूनों के अनुसार दोगुनी दर से भुगतान किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों में ओवरटाइम भुगतान को लेकर शिकायतें मिलती रहती हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने साप्ताहिक अवकाश, सार्वजनिक छुट्टियां, सीएल और ईएल जैसे अनुमन्य अवकाशों का पूरा लाभ कर्मचारियों को देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पे-स्लिप और ईपीएफ-ईएसआईसी की जानकारी देना जरूरी
बैठक में कर्मचारियों को मिलने वाली पे-स्लिप को भी अनिवार्य बताया गया। आयुक्त ने कहा कि हर कर्मचारी को वेतन भुगतान के समय पे-स्लिप उपलब्ध कराई जाए, जिसमें वेतन, कटौती और अन्य भुगतान का पूरा विवरण दर्ज हो।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि ईएसआईसी और ईपीएफ कटौती तथा कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान की जानकारी भी कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से दी जाए। इससे कर्मचारी स्वयं अपने खातों का सत्यापन कर सकेंगे और किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
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फैक्ट्रियों में शिकायत पेटिका लगाने के निर्देश
औद्योगिक शांति और बेहतर श्रमिक-प्रबंधन संबंधों को बढ़ावा देने के लिए आयुक्त ने सभी कंपनियों को फैक्टरी परिसर में शिकायत पेटिका लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण होना चाहिए।
आयुक्त ने उद्यमियों से कहा कि वे कर्मचारियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। यदि श्रमिकों की समस्याओं को समय रहते सुना और हल किया जाए तो उद्योगों में विवाद और असंतोष की स्थिति पैदा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ श्रमिक संबंध उद्योगों की प्रगति के लिए बेहद जरूरी हैं।
श्रम विभाग के अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश जुनैद अहमद, क्षेत्रीय अपर श्रमायुक्त पी.के. सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार, सहायक श्रमायुक्त राम लखन पटेल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि और श्रमिक संगठनों के सदस्य भी मौजूद रहे।
बैठक में श्रमिकों के हितों की रक्षा, औद्योगिक शांति बनाए रखने और श्रम कानूनों के प्रभावी पालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में औद्योगिक इकाइयों में निरीक्षण अभियान भी चलाया जा सकता है, ताकि श्रम कानूनों के पालन की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।