सेक्टर-34 में रक्तदान शिविर का आयोजन
Mediawali news,Noida
नोएडा के सेक्टर-34 स्थित कम्युनिटी सेंटर में रविवार को फेडरेशन ऑफ़ आरडब्ल्यूए सेक्टर-34 की ओर से रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर Child PGI Noida के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध कराना था।
महासचिव ने किया 46वां रक्तदान
शिविर के दौरान आरडब्ल्यूए महासचिव Dharmendra Sharma ने अपने जीवन का 46वां रक्तदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है” और हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए। उनका यह कदम अन्य निवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और कई लोगों ने पहली बार रक्तदान करने का निर्णय लिया।
स्वास्थ्य लाभ और सामाजिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने भी रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है, बल्कि इससे दाता के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ बना रहता है।
23 यूनिट रक्त संग्रह, दाताओं का सम्मान
इस शिविर में कुल 23 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए उपयोगी साबित होगा। रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को चिकित्सकों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके सामाजिक योगदान और मानवीय भावना को सराहने का प्रतीक रहा।
निवासियों ने की पहल की सराहना
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने भाग लिया और आरडब्ल्यूए की इस पहल की जमकर सराहना की। लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के.के. जैन, महासचिव धर्मेंद्र शर्मा, देवेंद्र वत्स, ओमेंद्र कुमार, संजीव महतो, सुरेंद्र गौड़, कविश राघव, संतराज सिंह, डॉ. सीमा दुआ और डॉ. सत्यम अरोड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने इस सामाजिक पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह रक्तदान शिविर न केवल एक स्वास्थ्य अभियान था, बल्कि समाज में सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने का एक सराहनीय प्रयास भी साबित हुआ।