नोएडा में रेकी कर बंद मकानों में चोरी करने वाले ‘बंदर’ समेत तीन बदमाश गिरफ्तार
मुख्य आरोपी का नाम है बंदर, वह दिल्ली का रहने वाला है।
- पहले चोरी की बाइक से करते थे रेकी, फिर वारदात को देते थे अंजाम
नोएडा सेक्टर-20 थाना पुलिस ने रेकी कर बंद मकानों में चोरी करने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की चार बाइक, एक स्टेबलाइजर, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और 5,030 रुपये नकद बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग थानों में कुल 59 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी पहले बाइक चोरी करते थे, फिर उसी से सेक्टर और सोसायटियों में बंद घरों की रेकी कर रात में वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस इनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार रात सेक्टर-20 थाना पुलिस सेक्टर-26 क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर तीन लोग सवार होकर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे भागने लगे। टीम ने पीछा कर तीनों को पकड़ लिया। पुलिस ने बाइक के कागजात मांगे, लेकिन आरोपी नहीं दिखा पाए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाइक दिल्ली के आनंद विहार इलाके से चोरी की गई है। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान रवि (34) निवासी गाजियाबाद, मोनू उर्फ बंदर (28) निवासी कल्याणपुरी दिल्ली और इमरान (34) निवासी कल्याणपुरी दिल्ली के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले दिल्ली और आसपास के इलाकों से बाइक चोरी करते थे। इसके बाद उन्हीं चोरी की बाइकों से बंद पड़े मकानों की रेकी करते और मौका मिलते ही चोरी कर लेते थे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चार बाइक बरामद की हैं, जिनमें दो दिल्ली से चोरी की गई थीं। इसके अलावा चोरी का स्टेबलाइजर, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और 5,030 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद नकदी चोरी की चेन बेचने के बाद बची रकम है।
जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी शातिर अपराधी हैं। इनके खिलाफ दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। आरोपी रवि के खिलाफ 23, मोनू उर्फ बंदर के खिलाफ 29 और इमरान के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह का मुख्य सरगना मोनू उर्फ बंदर बताया जा रहा है। तीनों कई बार जेल जा चुके हैं और जेल से छूटने के बाद फिर से चोरी करने लगे थे।