आईएमएस नोएडा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर जागरूकता कार्यक्रम, पॉडकास्ट और शपथ समारोह आयोजित
Mediawali news, Noida
कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन
नोएडा स्थित IMS Noida के एक्सटेंशन एवं आउटरीच सेल के तत्वावधान में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष पॉडकास्ट एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, समान अधिकार और समाज में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।
पॉडकास्ट में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा
पॉडकास्ट सत्र में वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक योगदान पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में निठारी गांव की पूर्व प्रधान विमलेश शर्मा, नीरजा फुटपाथ शाला की संस्थापिका नीरजा सक्सेना, बहलोलपुर गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा कुमारी और पूनम कुमारी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
महिला सशक्तिकरण पर वक्ताओं के विचार
विमलेश शर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलेंगे, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। वहीं नीरजा सक्सेना ने महिलाओं की क्षमता और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं, बशर्ते उन्हें समान अवसर और सही मंच मिले। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को आगे बढ़ाना समाज और राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। आशा कुमारी और पूनम कुमारी ने विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के संदर्भ में इस अधिनियम की उपयोगिता पर बात की। उन्होंने कहा कि यह कानून गांवों की महिलाओं को भी नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करेगा।
शपथ कार्यक्रम: समान अधिकार का संकल्प
पॉडकास्ट के उपरांत संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने महिलाओं के सम्मान, समान अधिकार और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह शपथ ली कि वे अपने-अपने स्तर पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे।
समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में पहल
यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी साबित हुआ। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।