ई-लॉटरी से मदिरा दुकानों का आवंटन, गौतमबुद्धनगर में 28 करोड़ का राजस्व
Mediawali news,Noida
गौतमबुद्धनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में आबकारी नीति 2026-27 के अंतर्गत द्वितीय चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक आयोजित की गई। जिला स्तरीय चयन समिति की उपस्थिति में अवशेष और नवसृजित मदिरा दुकानों का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया। इस दौरान ऑनलाइन प्रक्रिया का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सभागार और परिसर में दिखाया गया।
30 दुकानों का हुआ व्यवस्थापन
इस चरण में कुल 30 दुकानों का आवंटन किया गया, जिनमें देशी मदिरा की 24 दुकानें (1 अवशेष + 23 नवसृजित), मॉडल शॉप की 4 दुकानें और कंपोजिट मदिरा की 2 दुकानें शामिल रहीं। यह प्रक्रिया आबकारी आयुक्त के निर्देशानुसार निर्धारित नियमों के तहत संपन्न हुई।
4000 से अधिक आवेदन, 28 करोड़ का राजस्व
जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार, ई-लॉटरी के लिए कुल 4047 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें देशी मदिरा की दुकानों के लिए 3535 आवेदन, कंपोजिट दुकानों के लिए 507 आवेदन और मॉडल शॉप के लिए 5 आवेदन शामिल रहे।
इस व्यापक भागीदारी के चलते ई-लॉटरी प्रक्रिया से लगभग 28 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पारदर्शी प्रक्रिया के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि
पूरी ई-लॉटरी प्रक्रिया अधिकारियों और आवेदकों की उपस्थिति में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार, सहायक आबकारी आयुक्त, पुलिस विभाग के नामित अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश में सबसे अधिक आवेदन का रिकॉर्ड
इस आयोजन की खास बात यह रही कि पूरे उत्तर प्रदेश में मदिरा दुकानों के लिए सबसे अधिक आवेदन गौतमबुद्धनगर में प्राप्त हुए। इससे न केवल जिले की आर्थिक गतिविधियों का संकेत मिलता है, बल्कि आबकारी राजस्व के मामले में यह दिन ऐतिहासिक भी साबित हुआ। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पारदर्शी प्रक्रियाएं भविष्य में भी राजस्व बढ़ाने और व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।