UPPCS 2024: बिल्हौर-शिवराजपुर-चौबेपुर के युवाओं ने रचा इतिहास, क्षेत्र में जश्न का माहौल
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कानपुर देहात के बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर क्षेत्र में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब UPPCS 2024 का परिणाम घोषित हुआ। इस परीक्षा में क्षेत्र के चार होनहार—अक्षांश कटियार, श्वेता वर्मा, आयुष सिंह और वंशिका सिंह—ने सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया। सोमवार सुबह से ही उनके घरों पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा और चारों तरफ जश्न का माहौल देखने को मिला।
श्वेता वर्मा: शादी और मातृत्व के बीच रचा सफलता का इतिहास
शिवराजपुर के वार्ड नंबर 7 निवासी रिटायर्ड बैंक क्लर्क जगदीश वर्मा की बेटी श्वेता वर्मा ने UPPCS में 21वीं रैंक हासिल कर शानदार उपलब्धि दर्ज की। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी श्वेता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कस्बे में ही पूरी की। उन्होंने राम सहाय राजकीय इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास किया, इसके बाद इलाहाबाद से बीटेक और जयपुर से एमटेक की पढ़ाई की। वर्तमान में श्वेता दिल्ली में दूरदर्शन में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। शादी और मां बनने के बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। 13 अप्रैल 2021 को देहरादून निवासी सुधांशु से विवाह के बाद उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला। चार महीने पहले बेटी के जन्म के बावजूद उन्होंने यह सफलता हासिल कर एक मिसाल पेश की।
आयुष सिंह: किसान के बेटे की मेहनत रंग लाई
शिवराजपुर के मरहमत नगर गांव निवासी किसान अंबिका प्रसाद के बेटे आयुष सिंह ने 194वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई। उनकी मां विमला देवी आंगनबाड़ी कार्यकत्री हैं। आयुष ने शिवली के दयाल एजुकेशन सेंटर से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और सरस्वती इंटर कॉलेज, कल्याणपुर से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट किया। इसके बाद मंधना के रामायण इंस्टीट्यूट से बीटेक किया और दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर तैयारी की। उनके पिता बताते हैं कि एक बार डांट मिलने के बाद आयुष ने ठान लिया था कि वह कुछ बड़ा करेगा। उसी संकल्प और कड़ी मेहनत ने उन्हें यह मुकाम दिलाया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी बुआ सुशीला कमल को भी दिया, जिन्होंने आर्थिक सहयोग किया।
अक्षांश कटियार: जेएनयू से तैयारी, लक्ष्य अभी और ऊंचा
बिल्हौर के बीबीपुर गांव निवासी अक्षांश कटियार ने भी UPPCS 2024 में सफलता हासिल की। किसान राजेश कटियार के बेटे अक्षांश ने बिल्हौर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट, पीपीएन कॉलेज कानपुर से बीए और जेएनयू से एमए किया। उन्होंने नेट-जेआरएफ परीक्षा भी पास की, लेकिन पीएचडी छोड़कर पूरी तरह पीसीएस की तैयारी में जुट गए। खास बात यह है कि उन्होंने 2024 में सफलता पाने के साथ ही 2025 की परीक्षा भी दी है और आगे और बेहतर रैंक हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
वंशिका सिंह: तीसरे प्रयास में सपनों को दी उड़ान
चौबेपुर के चंद्रिका गांव निवासी प्रदीप कुमार सिंह (सब इंस्पेक्टर, लखनऊ) की बेटी वंशिका सिंह ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने लखनऊ के माउंट कार्मल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी व एमएससी की पढ़ाई की। बचपन से ही अधिकारी बनने का सपना देखने वाली वंशिका ने लगातार मेहनत और धैर्य के बल पर आखिरकार अपनी मंजिल हासिल कर ली।
क्षेत्र में गर्व और प्रेरणा का माहौल
इन चारों होनहारों की सफलता से पूरे बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोग इन युवाओं को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा मान रहे हैं। यह सफलता बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर मेहनत और दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।